दिल्ली एम्स में होती है रोबोटिक सर्जरी ट्रेनिंग
देश के कई निजी और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी होती है। लेकिन इसका प्रशिक्षण लेने के लिए विशेषज्ञों को पहले विदेशों का रुख करना पड़ता था। वहीं, करीब एक साल पहले एम्स दिल्ली ने प्रशिक्षण के लिए अपनी स्किल लैब में शुरू किया था। अब 2026 तक इसे बिलासपुर एम्स में शुरू करने की योजना है। वर्ष 2025 के अंत तक सर्जिकल रोबोटिक्स प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके बाद यहां रोबोट से सर्जरी की ट्रेनिंग दी जाएगी। एम्स के अलावा दूसरे अस्पतालों के डॉक्टर भी यहां ट्रेनिंग ले सकेंगे।
मरीजों की रिकवरी होगी तेज
विशेषज्ञों का कहना है कि रोबोट से सर्जरी होने पर मरीज की रिकवरी तेज होती है। इसमें मरीज को बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती। जरूरत के आधार पर छोटे छेद या दूसरे तरीकों से उपकरण शरीर में ले जाया जाता है। सर्जरी के बाद मरीज जल्द काम पर लौट सकता है। सर्जन, गायनोकॉलोजिस्ट, यूरोलॉजी, सामान्य सर्जरी, ईएनटी, ऑर्थोपेडिक, कार्डियोथोरेसिक, न्यूरो सर्जरी सहित कई विभागों के विशेषज्ञों को रोबोट की मदद से सर्जरी की ट्रेनिंग दी जाएगी।