साधुपुल में पतंजलि योगपीठ की जमीन को लीज देने के मामले में योगपीठ के संस्थापक सदस्य आचार्य बालकृष्ण और मानव संसाधन एवं वित्त अधिकारी ललित मोहन को सोलन पुलिस तलब कर पूछताछ करने जा रही है।
इन दोनों के नाम भी जांच रिपोर्ट में हैं जबकि उस समय के सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के नामों पर पुलिस संशय की स्थिति में है। जांच में अभी तक किसी को नामजद नहीं किया गया है।
पुलिस की जांच में पाया गया है कि पतंजलि योगपीठ की ओर से मौजा चौहाड़ा तहसील कंडाघाट में सरकार से प्रोजेक्ट लगाने की मंजूरी ली लेकिन राजस्व और पतंजलि योगपीठ के अधिकारियों ने साठगांठ करके मौजा कहलोग की जमीन को सरकार से मंजूर करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा और मंजूरी ले ली।
13 फरवरी को साधुपुल में सरकारी भूमि को पतंजलि योग ट्रस्ट को धोखाधड़ी से लीज पर जमीन देने की शिकायत हुई। उधर, एसपी सोलन डॉ. रमेश छाजटा ने कहा जांच में बालकृष्ण और ललित मोहन के नाम शामिल हैं। इन्हें पूछताछ के लिए सोलन बुलाया जाएगा।