छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा, 'मैं 22 जून 2026 को अपने आप मरने जा रहा हूं। मैं डीएवी स्कूल की वजह से मरने जा रहा हूं। इस स्कूल में बच्चों को डंडे से मारते हैं और परेशान किया जाता है। दुर्व्यवहार किया जाता है। मैंने कोई नशा नहीं किया है।' मूल रूप से कांगड़ा जिले के भलूंदर के रहने वाले छात्र का परिवार पटलांदर में किराये के कमरे में रहता है। सोमवार रात करीब 10 बजे माता-पिता सो गए, जबकि छात्र रोजाना की तरह पढ़ाई कर रहा था। आशंका है कि रात 10 से 12 बजे के बीच उसने मां की चुनरी का फंदा बनाकर उसी कमरे में आहत्महत्या कर ली। रात करीब 1 बजे जब मां की आंख खुली, तो बेटे का शव लटकता देख उनके होश उड़ गए। शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग इकट्ठा हुए और रात करीब 1:30 बजे पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाकर घटना की जांच शुरू की। छात्र के पिता सेल्समैन हैं, जबकि माता बुटीक में काम करती हैं। वर्ष 2017 से परिवार पटलांदर में रह रहा है।
उधर, छात्र के इस कदम से गुस्साए परिजनों, ग्रामीणों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोग स्कूल परिसर पहुंचे और प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक उग्र प्रदर्शन व नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को शांत कराया। इसके बाद भलूंदर श्मशानघाट में छात्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जानी चाहिए। अब तक की पुलिस जांच से संतुष्ट हूं, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि उनके बच्चे को मारने वाले अध्यापक कौन हैं। -बंटी, छात्र के पिता
पटलांदर में किराये के कमरे में फंदे से लटके शव के मामले में गहनता से जांच की जा रही है। शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। प्राथमिकी दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। -बलवीर सिंह, एसपी हमीरपुर