आयोग ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए निजी सचिव और चालक की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही आयोग के उपाध्यक्ष के लिए सरकारी आवास आवंटित करने का मामला संबंधित विभाग के साथ उठाकर जल्द निपटाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में आयोग के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से संशोधित नक्शा तैयार कर जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शिमला में आयोग के लिए नए कार्यालय परिसर की पहचान कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया। आयोग ने अन्य विभागों में प्रतिनियुक्त आउटसोर्स कर्मचारियों को वापस गोसेवा आयोग में तैनात करने का भी फैसला लिया।
गोशालाओं के संचालन के लिए जारी हुए 2.59 करोड़ रुपये
वहीं, पशुपालन विभाग से प्रतिनियुक्त अधीक्षक ग्रेड-एक की स्थायी तैनाती का मामला भी तत्काल प्रभाव से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपनिदेशक डॉ. आशा किरण, सहायक निदेशक डॉ. हितेंद्र कुमार वर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास रांटा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक से पहले हिमाचल प्रदेश गोसेवा आयोग ने गोपाल योजना के तहत गोशालाओं, गोसदनों और गो अभयारण्यों के संचालन के लिए 2 करोड़ 59 लाख 70 हजार 400 रुपये की राशि विभिन्न जिलों को जारी की। यह सहायता प्रति गोवंश 1200 रुपये प्रतिमाह की दर से दी गई है। राशि बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना और किन्नौर जिलों के संबंधित अधिकारियों के खातों में आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित करने के निर्देश जारी किए गए।