उल्लेखनीय है कि शिक्षा बोर्ड में कर्मचारी और छात्र हित सहित कई प्रकार के फैसले होते हैं, जिनका निर्णय बीओडी करती है। इसके अलावा बोर्ड प्रबंधन को कितना बजट खर्च करना है, छात्रों को छात्रवृत्ति देने सहित उनके हित में कार्य करने का फैसला बीओडी लेती है। पिछले दो वर्ष से इस प्रकार के कोई निर्णय नहीं लिया जा सके हैं। वहीं इस संदर्भ में शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।