मंडी में कोदरे के लड्डू व अन्य सामान बेचती स्वयं सहायता समूह की प्रधान बिंद्रा देवी।
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सुंदरनगर की खिलड़ा पंचायत में तैयार हो रहे कोदरे के लड्डू की महक सिक्किम तक पहुंच रही है। सरहद पर तैनात सैनिक भी इन लड्डुओं का स्वाद चख रहे हैं। हर साल सुंदरनगर से लड्डुओं की खेप सिक्किम पहुंच रही है। लड्डुओं की खासियत यह है कि ये शुगर रहित होने के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। ये एक माह तक खाने योग्य रहते हैं।
शीतला स्वयं सहायता समूह की प्रधान बिंद्रा देवी इन दिनों मंडी शहर की इंदिरा मार्केट की छत पर स्टॉल सजाकर उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2018 से उत्पाद बनाने का कार्य शुरू किया है। गांव की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर उनकी आर्थिकी को भी मजबूत कर रही हैं। आज उनके साथ दस महिलाएं यह कारोबार कर रही हैं। इस कार्य के लिए महिलाओं के साथ उनके परिवार के अन्य सभी सदस्य भी काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि लड्डू तैयार करने के लिए वह देसी घी, गुड़ या शक्कर और कोदरे के आटे का प्रयोग करती हैं। कुछ समय पहले रिश्तेदार सैनिक जब घर आया था तो उसने लड्डुओं का स्वाद चखा था। स्वाद अच्छा लगने पर अपने साथ वह कुछ लड्डू सिक्किम ले गया था। अधिकारियों ने स्वाद चखने पर अन्य सैनिकों के लिए भी लड्डुओं का ऑर्डर दिया। दोबारा घर आने पर सैनिक अपने साथ 80 किलो लड्डुओं की खेप सिक्किम ले गए, जहां अन्य सैनिकों ने लड्डुओं को बहुत पसंद किया। सिक्किम में लड्डू भेजने का यह सिलसिला आज भी जारी है।
बिंद्रा देवी ने बताया कि वह कोदरे से चाय भी तैयार करती हैं। सुंदरनगर कृषि विभाग में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण व कार्यशालाओं में वह सभी के लिए चाय तैयार करती हैं। मास्टर ट्रेनर होने के साथ साथ वह प्रशिक्षण भी प्रदान करती हैं।