बद्दी (सोलन)। बद्दी के काठा स्थित सोलर सेल बनाने वाली कंपनी के कामगारों में इस वर्ष इंक्रीमेंट नहीं मिलने से रोष है। कामगारों का कहना है कि कोविड काल में उन्होंने कंपनी में पूरा कार्य किया। जब इंक्रीमेंट लगाने की बात आई तो कंपनी के उच्च पदों पर आसीन कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन बढ़ोतरी कर दी और लेबर क्लास के कामगारों को इससे वंचित रखा।
कामगारों ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी प्रबंधकों ने अपना रवैये में बदलाव नहीं किया तो उन्हें मजबूर हो कर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधक की होगी। बद्दी के काठा में सोलर सेल बनाने वाली कंपनी जुपिटर के कामगारों को इस साल इंक्रीमेंट नहीं लगा जबकि कंपनी के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को बड़े स्तर पर वेतन बढ़ोतरी चुपचाप की गई।
इन अधिकारियों को जुलाई में वेतन बढ़ोतरी है लेकिन कामगारों को नवंबर में पता चला। कामगारों का कहना है कि उनके साथ सौतेले व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था या तो किसी का भी नहीं लगता। कंपनी प्रबंधकों की इस दोहरी नीति के चलते कामगारों में रोष पनप रहा है। कामगारों ने इसकी शिकायत श्रम अधिकारी को भी की है।
सभी कामगारों को अप्रैल में लगेगा इंक्रीमेंट
कंपनी के प्लांट हेड डीएन पांडे ने कहा कि 2019 में कंपनी के आला अधिकारियों का इंक्रीमेंट नहीं लगा था केवल कामगारों को 2,686 से लेकर 3200 रुपये तक इंक्रीमेंट दिया। सभी कामगारों को बताया कि उनकी प्लांट 18 महीने बंद रहा। इस दौरान भी सभी को सैलरी घर बैठे ही दी गई। कोविड के दौरान भी किसी भी कामगारों की एक दिन की भी सैलरी नहीं काटी गई। उन्होंने बताया कि कुछ कामगार इस मांग को लेकर मिले थे। वह किसी काम से बाहर हैं। बद्दी आने पर कामगारों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक कार्य किया जाएगा। अप्रैल माह में सभी कामगारों को इंक्रीमेंट लगेगा।