सुबाथू में आईएसआईएस की धमकी भरे बैनर और पोस्टर मिलने के अलावा बढ़ रहे क्राइम के मद्देनजर जिला प्रशासन प्रवासियों के पंजीकरण के लिए विशेष मुहिम छेड़ने जा रहा है। उपायुक्त डॉ. राकेश कंवर ने पंजीकरण को अनिवार्य करते हुए सोलन और बद्दी जिला पुलिस के एसपी तथा श्रम विभाग के अधिकारियों को पंजीकरण कार्य के अनुश्रवण के निर्देश दिए हैं।
इसमें सोलन जिले में कार्यरत सभी उद्योगों, भवन निर्माताओं, ठेकेदारों, उप ठेकेदारों, व्यापारियों तथा भवन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां कार्यरत कामगारों का पास के पुलिस थाने में पंजीकरण करवाएं। इस कार्य के लिए 6 माह का समय प्रदान किया है। पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी, उपमंडल अधिकारी सोलन, अर्की, नालागढ़ एवं कंडाघाट, जिले के सभी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों सहित जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं श्रम अधिकारी सोलन तथा बद्दी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह दस्तावेज जरूरी
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों में कहा है कि पुलिस थाने में पंजीकरण करवाते समय कामगार की विस्तृत जानकारी, उसकी फोटो, वर्तमान एवं स्थायी पता तथा सत्यापित पहचानपत्र की प्रति जमा करवाएं। आदेशों के अनुसार यह रोजगार प्रदाता, ठेकेदार तथा कामगार का उत्तरदायित्व होगा कि वे पूरी जानकारी समीप के पुलिस थाने में उपलब्ध करवाएं।
यह दिया कारण
जिला दंडाधिकारी ने इन आदेशों में कहा है कि उनके ध्यान में लाया गया है कि जिला सोलन में कार्यरत अधिकतर कामगार हिमाचल प्रदेश से बाहर के हैं एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन को इनके संबंध में अधिक जानकारी नहीं है। प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण सोलन जिले में प्रवासी श्रमिकों की संख्या कहीं अधिक है। यह श्रमिक ठेकेदारों द्वारा प्रदत्त अस्थाई आवास अथवा स्थानीय लोगों के आवासों में किराएदार बनकर रहते हैं। अनेक बार इन श्रमिकों का स्थानीय लोगों के साथ टकराव सामने आया है।
पंचायत और नप के पास रिकॉर्ड नहीं
पंचायत और नगर परिषद के पास कोई अभिलेख नहीं होता इसलिए यदि इनमें से किसी की गैर कानूनी गतिविधि में भागेदारी पाई जाए तो मामले की जांच करना कठिन हो जाता है। इसी के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि सोलन जिले में आने वाले प्रवासी श्रमिक तथा संगठित एवं असंगठित क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत कामगारों का पुलिस के पास पंजीकरण हो। इससे जहां पुलिस को विभिन्न मामलों की समुचित जांच करने में सहायता मिलेगी वहीं प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों के हित भी सुरक्षित रहेंगे।