आप गर्भवती हैं या फिर हाल ही में मातृत्व का आनंद ले रही हैं तो आप के लिए अच्छी खबर है। अब जच्चा बच्चा की देखभाल मोबाइल फोन पर मिलने वाले निर्देशों का पालन करके हो सकती है। हालांकि डॉक्टरी परामर्श समय-समय पर जरूरी है। लेकिन गर्भावस्था में किन बातों का अपनाना है और किन का परहेज रखना है, इसकी जानकारी गर्भवती को मोबाइल के टेक्स्ट और वायस मेसेज के माध्यम से मिल जाएगी।
यह संभव होगा केंद्र सरकार कि किलकारी योजना से। यह योजना सोलन में जल्द शुरू हो सकती है। योजना में तीन माह का गर्भकाल पूरा कर चुकी महिलाओं को शामिल किया जाएगा। इसके लिए महिलाओं या उनके पति के मोबाइल नंबर को प्रेगनेंसी चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम पर अपडेट करना होगा। इसके बाद पीसीटीएस पर गर्भवती महिला का मोबाइल नंबर लिंक हो जाएगा।
गर्भ के तीसरे माह से लेकर प्रसव होने के एक साल बाद तक हर सप्ताह मोबाइल पर वायस मेसेज के जरिये वह सारी जानकारी ले सकेंगी, जिसके लिए उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। सीएमओ डॉ. आरके दरोच ने कहा कि केंद्र से निर्देश मिलने के बाद इस योजना को सोलन में शुरू किए जाने के प्रयास होंगे।
टेली कांफ्रेंसिंग की भी सुविधा
इस सेवा से जुड़ने के बाद वायस कॉल में स्वास्थ्य विभाग के एक चिकित्सक द्वारा महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के हिसाब से हर माह स्वास्थ्य की जानकारी देगा। वहीं प्रसव होने के बाद भी महिलाओं को बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित उपयोगी जानकारी दी जाएगी। केंद्र सरकार से जारी निर्देशों के बाद जिला सोलन में इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
आशा कार्यकर्ता करेंगी सर्वे
योजना के तहत आशा कार्यकर्ता शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जाकर सर्वे करेंगी। साथ ही महिलाओं का नंबर नजदीकी अस्पताल में रजिस्ट्रड करवाने की भी जिम्मेवारी उन्हीं की होगी। इसके अतिरिक्त यदि महिलाओं को किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तो वह आशा कार्यकर्ताओं से जानकारी हासिल कर सकती हैं।
मेसेज पर होगी हर तरह की जानकारी
किलकारी योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को तीन माह पूरे होने के बाद लगने वाले हर टीके और दवाई संबंधी जानकारी मेसेज के जरिये दी जाएगी। प्रसव के बाद वर्षभर में बच्चे को लगने वाले टीकाकरण के बारे में भी अर्ल्ट मेसेज भेजे जाएंगे। इस योजना का सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को होगा। महिला मेसेज के अनुसार समय पर बच्चों को टीकाकरण करवा सकेगी।