बालद, सरसा व चिकनी खड्डों में पानी में खड़े होकर की पूजा अर्चना
सोमवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न होगा उपवास
बालद खड्ड के किनारे बिहार राज्य का कालाकारों ने बांधा समा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। छठ पूजा के तीसरे दिन उपवास रखने वालों ने पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूर्वांचल के लोगों ने छठी मईया की अराधना कर सुख समृद्धि की कामना की। बद्दी से बालद खड्ड, सरसा खड़्ड, चिकनी खड्ड व अन्य खड्डो व नालों के किनारे पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य की अराधना की। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मईया के उपवास को खोला जाएगा।
बीबीएन में दो लाख से अधिक लोग पूर्वांचल क्षेत्र के रहते हैं। सभी लोग इस पर्व को लेकर काफी उत्साहित हैं। बीबीएन में हर दूसरा आदमी छठ के रंग में रगा हुआ है। बीबीएन का पूरे क्षेत्र की खड्ड व नालों में वातावरण भक्तियम हो उठा है। सांय चार बजे से घाट व खड्डों के किनारे लोग जमा होने शुरू हो गए थे। लोगों ने अपने सिर पर टोकरी व सूप में गन्ना, अदरक, हल्दी, केला, नारियल, संतरा, शकरकंद, मूली, ठेकुवा, चकोतरा (गागल), सिंघाड़ा व घर में तैयार किया गया ठेकुआ को भी रखा हुआ था। सिर पर उठा कर लोग पैदल की घाट तक पहुंचे। घाट पर लोगों ने पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।
पूर्वांचल जन कल्याण समिति के प्रवक्ता परमहंस दिवेदी, पिंटू सिहं, सत्या पांडे ने बताया कि सनसिटी के समीप बालद खड्ड में घाट के समीप विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जहां पर लोगों ने छठी मईया का प्रसाद ग्रहण किया। शाम के समय यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। तनु प्रियंका, आशुतोष यादव, आकाश बाबा, धीरज पांडे, रामाशीष बागी, अंकिता मिश्रा व गोलू ने रात भर लोगों को छठी मईया के भजन सुनाए। रात भर लोग जमा रहे और कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
बद्दी के बालद खड्ड में डूबते सूर्य को अर्ध्य देने पहुंचे लोग। संवाद