शराब के कुछ कारोबारी ऊंची बोली लगाकर हासिल की गई दुकानों से हुए नुकसान की भरपाई अब उपभोक्ताओं को लूटकर कर रहे हैं। उपमंडल समेत सोलन जिला में शराब की विक्रय प्रणाली पटरी से उतर चुकी है। यहां शराब की दुकानों पर उपभोक्ताओं से प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। यही नहीं हिमाचल प्रदेश वस्तु मूल्यांकन एवं प्रदर्शन अधिनियम की भी सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं। दूसरी तरफ प्रशासन खामोश बना हुआ है।
सोलन मालरोड समेत जिला भर में शराब की दुकानों को नीलाम हुए एक माह से ऊपर का समय हो चुका, अभी तक दुकानों के बाहर रेट लिस्टें नहीं लगी हैं। इसका फायदा उठाकर शराब ठेकों में मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। आबकारी एवं कराधान विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। लोगों की जेबों को सरेआम कटते हुए देखने से ज्यादा विभाग कुछ नहीं कर पा रहा। उपभोक्ताओं में भारी रोष है। शराब कारोबारियों के इस गोरखधंधे पर लगाम लगाने की मांग कर रहे है।
मंत्री के आदेश बेअसर
कुछ दिन पूर्व स्वयं आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी भी शराब के तय किए मूल्य से अधिक पैसे वसूलने पर शराब कारोबारियों के लाइसेंस तक रद्द करने की चेतावनी दे चुके हैं। लेकिन शराब कारोबारियों पर इसका भी कोई असर नहीं दिख रहा। इसके बाद भी बेरोकटोक शराब की बोतलों पर अंकित मूल्य से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं।
यह है उपभोक्ताओं का दावा
उपभोक्ताओं में दीनानाथ, विमल, राकेश कुमार, विजय, ओम प्रकाश, विपिन, रोशन लाल, रमन, धर्म राज, बाबू राम और कपिल प्रमोद कुमार के अनुसार देशी शराब की एक बोतल पर 55 से 60 और अंग्रेजी पर 90 से 100 रुपये ओवर चार्ज किया जा रहा है।
विभाग के इशारे पर हो रहा सब
उपभोक्ताओं का आरोप है कि यह सब विभाग की शह पर हो रहा है। विभाग की मिलीभगत के बिना शराब कारोबारियों की इतनी मजाल नहीं की वो उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूल सके। उन्होंने आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी और विभाग के आला अधिकारियों से इस गोरखधंधे पर अंकुश लगाने की मांग की है।
पुराने स्टाक का बहाना, बिल से इंकार
प्रिंट रेट से अधिक चार्ज करने पर सेल्समैन का जवाब होता है की पुराना स्टाक बचा हुआ है। इस पर पुराना रेट प्रिंट है, इसे नए रेट से बेच रहे हैं। बिल मांगने पर इसे भी देने से भी साफ इंकार कर दिया जाता है। शराब की दुकानों पर रेट लिस्टें नहीं हैं।
जल्द होगी कार्रवाई : विभाग
आबकारी एवं कराधान निरीक्षक ब्रम्हानंद ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। अगर निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं तो कार्रवाई होगी। दुकानों का औचक निरीक्षण कर चालान काटेंगे। सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगाने के आदेश दे दिए हैं।