बद्दी (सोलन)। एफसीआई ने अभी तक नालागढ़ और बद्दी में गेहूं के खरीद केंद्र शुरू नहीं किए हैं। किसानों के आग्रह के बावजूद सरकार इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रही है, जबकि गेहूं की फसल तैयार हो गई है। पिछले वर्ष भी किसानों को गेहूं बेचने के लिए काफी भटकना पड़ा था।
नालागढ की इंदिरा अनाज मंडी में गेहूं की खरीद की जाती है, लेकिन यह स्थान काफी छोटा है। पिछले वर्ष भी किसानों के यहां पर काफी दिक्कत हुई थी। पिछले वर्ष जहां गेहूं की सफाई के लिए बहुत कम झरने लगाए थे, वहीं जगह की कमी के चलते किसान सड़कों पर कई दिन तक खड़े रहे। इस वर्ष अखिल भारती किसान यूनियन की हिमाचल इकाई ने अप्रैल के पहले सप्ताह से खरीद केंद्र शुरू करने की मांग की थी, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
पंजाब की सीमा के साथ लगते नालागढ़ और बद्दी के किसान पहले अपनी गेहूं पंजाब की मंडी में बेचते थे, लेकिन पिछले साल से पंजाब और हरियाणा में हिमाचल के किसानों की गेहूं, धान और मक्की की खरीद नहीं होती है। इसके चलते किसान अपनी फसल ओने पोने दाम में ही बेच रहे हैं। पिछले वर्ष सरकार ने अप्रैल के अंत में खरीद केंद्र खोला, लेकिन वहां पर झरने कम होने से बारी आने के बाद भी कई कई दिन तक किसान अपनी गेहूं नहीं बेच पाए। इस बार भी सरकार और एफसीआई उसी ही स्थिति का इंतजार कर रहे हैं।
किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव नरेश घई ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल माह में अचानक गर्मी पड़ने से किसानों की गेहूं पक गई है, लेकिन अभी तक एफसीआई ने खरीद केंद्र नहीं खोले हैं। इस कारण हालात पिछले साल की तरह होने वाले हैं। उधर, कृषि उपज मंडी नालागढ़ के प्रभारी गंगा राम ने बताया कि अभी तक उनके पास खरीद केंद्र खोलने को लेकर कोई सूचना नहीं है। इस बार नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में दोनों स्थानों पर गेहूं की खरीद की जाएगी।