सोलन। बरसात में सिल्ट और गर्मी में पेयजल किल्लत की समस्या से जल्द ही शहर और आसपास के लोगों को छुटकारा मिलेगा। गिरि पेयजल योजना पर 16 करोड़ रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का कार्य शुरू हो गया है।
खास बात यह है कि इस प्लांट से पानी का शुद्धीकरण होगा। बरसात में सिल्ट आने के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा है। इस प्रोजेक्ट में आरसीसी चैंबर में ट्यूब सेंटर लगाया जाएगा जहां पानी फिल्टर किया जाएगा। इससे पानी में आने वाली सिल्ट अलग होगी और साफ पानी टैंक में चला जाएगा। इस प्लांट के लगने से गिरि पेयजल योजना से रोज 7.50 एमएलडी अतिरिक्त पानी लिफ्ट होगा। ऐसे में बरसात या किसी भी मौसम में लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट का कार्य जल शक्ति विभाग ने बीते माह शुरू कर दिया है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, चैंबर, टैंक, पीओ वाटर टैंक सहित अन्य कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में आरसीसी चैंबर बनाने का कार्य पूरा होने वाला है। इसके बाद रॉ वाटर टैंक बनेगा। इस प्रोजेक्ट का सीधे तौर पर सोलन शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को अगले साल मार्च माह तक लाभ मिलने की उम्मीद है।
गिरि पेयजल योजना से सोलन, बसाल, कथेड़, कुमारहट्टी, धर्मपुर सहित अन्य क्षेत्रों के हजारों लोगों की प्यास बुझती है। वर्तमान में रोजाना आठ से नौ मिलियन लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है। गर्मियों में पेयजल किल्लत और बरसात के मौसम में गाद आने से लोगों को परेशानी होती है।
मार्च से पहले पूरा होगा प्रोजेक्ट का कार्य : रवि शर्मा
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता रविकांत शर्मा ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य मार्च से पहले पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोजेक्ट में इन दिनों चैंबर बनाने का कार्य शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट लगभग 16 करोड़ से पूरा किया जाएगा।