शहर में घरेलू और व्यावसायिक पानी के कनेक्शन नए सिरे से जुड़ेंगे। कनेक्शन लोगों की सुविधा के मुताबिक वार्ड वार्ड से गुजरने वाली एक बड़ी मुख्य पाइपलाइन से दिए जाएंगे। नालियों, गंदगी या सीवरेज से गुजरने वाली जंक लगी पाइपों को हटाकर इसे नई व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
नप का दावा है कि शहर में स्वच्छ पानी की सप्लाई के लिए पेयजल कनेक्शन बिछाने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इससे जलजनित रोगों पर काबू पाया जा सकेगा। करीब तीस साल बाद इस तरह पानी की व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। इसमें शहर में बेतरतीब ढंग से बिछी और जंक लगी पुरानी पाइपों के जाल को हटाया जाएगा। वहीं उन रसूखदारों पर भी शिकंजा कसेगा, जिन्हें मनमर्जी से मुख्य पाइपलाइन से कनेक्शन जारी किए हैं।
अमर उजाला द्वारा ग्राउंड रिपोर्ट में मुद्दे उठाए जाने के बाद शहर में यह बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नगर परिषद को इसके लिए 50 लाख का बजट स्वीकृत हो चुका है। शहर में इसका कार्य शुरू हो चुका है। बीस दिन के भीतर शहर के सभी पंद्रह वार्डों में पानी के कनेक्शन की व्यवस्था को बदल दिया जाएगा।
बदलाव: वार्ड में एक पाइप होगी मुख्य
इस योजना के तहत अब हर वार्ड में मुख्य पाइपलाइन से डेढ़ इंच पानी की जोड़कर आगे एक बड़ी मेन पाइप वार्ड के अंतिम छोर तक पहुंचाई जाएगी। लोगों को इसी बड़ी पाइप से सुविधा के मुताबिक नए सिरे से कनेक्शन जारी किए जाएंगे। लोगों को घर तक पानी की पाइपें पहुंचाने के लिए अधिक जेब ढीली नहीं करनी होगी।
वर्तमान में यह है व्यवस्था
वर्तमान में मुख्य पाइपलाइन से वार्ड के लिए डेढ़ इंच पाइप बिछाई जाती है जो एक प्वाइंट पर खत्म हो जाती है। इस प्वाइंट के आगे संबंधित घरों को कनेक्शन पहुंचाए जाते हैं।
यह आती है समस्या
एक ही जगह से अनगिनत पानी के कनेक्शन देने से जहां सड़क संकरी होती है, वहीं पानी के लीकेज का खतरा भी रहता है। कई स्थानों पर पानी की पाइपें नालियों या सीवरेज से होकर गुजरती हैं। ऐसे में पुरानी जंग लगी पाइपों में होने वाले रिसाव के कारण जलजनित रोगों से भी बचा जा सकेगा।
21 हजार से अधिक कनेक्शन
शहर के पंद्रह वार्डों में 21 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। पानी की सप्लाई शहर में नगर परिषद करता है। जबकि स्टोरेज टैंकों तक सप्लाई पहुंचाने का जिम्मा आईपीएच महकमे का है।
इसलिए हो रहा बदलाव
सोलन में इस वर्ष पीलिया के काफी मामले सामने आ चुके हैं। करीब 700 मामले पीलिया के निकले हैं। जलजनित रोग का मुख्य कारण दूषित पानी की सप्लाई माना जा रहा है। जिसकेचलते अश्वनी के पानी पर प्रतिबंध जारी है। जबकि शहर में पेयजल वितरण की व्यवस्था भी हाशिये पर है। गंदी नालियों और कई स्थानों में सीवरेज से होकर पानी की पाइपें गुजर रही हैं। इस कारण सोलन जलजनित रोगों की चपेट में है। इसे देखते हुए यह फैसला लिया है।
20 दिन में पूरा होगा काम
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि जंक लगी पाइपों को बदलकर नए सिरे से पानी के कनेक्शन देने का कार्य शुरू हो चुका है। बीस दिन तक पूरे शहर में नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसमें पुराने पानी के कनेक्शनों को बदलकर नए सिरे से दिया जाएगा। इसके लिए 50 लाख का बजट जारी हो चुका है। जल जनित रोगों पर काबू पाने के मकसद और पेयजल कनेक्शन में धांधली को खत्म करने के मकसद से यह कदम उठाया जा रहा है।