मध्यम और भारी बारिश के बीच सोलन शहर में पेयजल सप्लाई बंद हो गई है। शहर को पेयजल सप्लाई देने वाली मुख्य योजना अश्वनी खड्ड मंगलवार को सिल्ट के कारण बंद रही। गिरि से महज 20 फीसदी पानी की सप्लाई ही हुई है। अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार को पेयजल सप्लाई ठप रही। लोगों को भारी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा। बसाल का काफी क्षेत्र पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहा है।
यहां कई स्थानों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। सोलन शहर के मालरोड समेत, कथेड़, आंजी, शामती, रबौण और देहूंघाट में पानी की भारी किल्लत चल रही है। यहां तक की सरकारी कार्यालयों और विश्राम गृहों तक में पानी के लाले पड़े हुए हैं। शहर और आसपास के गांवों में पचास फीसदी से अधिक पानी की सप्लाई अश्वनी योजना से होती है। यहां एक दिन में शहर को 30-35 लाख गैलन पानी की जरूरत रहती है। वहीं सोमवार और मंगलवार को गिरि से महज 8 लाख गैलन पानी ही मिल सका। ऐसे में शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। कई वार्डों में तो पानी की सप्लाई पांच-छह दिन से नहीं हो पाई है। शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जल संकट गहरा गया है।
हर रोज 35 लाख गैलन पानी की जरूरत
शहर की 60 हजार की आबादी को रोजाना 30 से 35 लाख गैलन पानी की जरूरत पड़ती है। वहीं अश्वनी और गिरि का पानी आईपीएच विभाग द्वारा शहर तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद नगर परिषद द्वारा शहर के सभी वार्डों में वितरण का कार्य किया जाता है। लेकिन सोमवार को शहर में महज 8 लाख गैलन पानी ही पहुंचा है। यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
अश्वनी बंद, गिरि पर निर्भरता : ठाकुर
नगर परिषद के जेई बीएस ठाकुर ने बताया कि अश्वनी और गिरि में गाद आने से अश्वनी से पानी की सप्लाई बंद कर दी है। साथ ही गिरि से आईपीएच द्वारा पानी की सप्लाई की जा रही है। इस कारण शहर की पानी की जरूरतों को पूरा कर पाना नप के लिए मुश्किल हो रहा है। एक ओर जहां सोमवार को आईपीएच ने मात्र 8 लाख गैलन पानी दिया वहीं रविवार को भी केवल 10 लाख गैलन पानी ही मिल सका। इस कारण शहर के अधिकांश वार्डों में पानी की सप्लाी नहीं हो पाई।
अश्वनी में आई गाद : सुभाष चौहान
आईपीएच के एसडीओ सुभाष चौहान ने कहा कि शिमला में हो रही भारी बारिश के चलते अश्वनी खड्ड में गाद जमा हो गई है। इसके कारण साफ पानी लिफ्ट नहीं हो पा रहा है। रविवार को सप्लाई बंद करनी पड़ी है। वहीं गिरि का भी यही हाल है। इससे गिरि से भी पानी की लिफ्टिंग बेहद कम हो पा रही है। लेकिन विभाग द्वारा सिल्ट को साफ करने का कार्य किया जा रहा है।