बीबीएन में घट रहे जलस्तर को देखते हुए ग्राउंड वाटर अथारिटी ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
- फोटो : डेमो पिक
बीबीएन में घट रहे जलस्तर को देखते हुए ग्राउंड वाटर अथारिटी ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। ट्यूबवेल लगाने के लिए दस हजार रुपये पंजीकरण फीस देनी होगी। इसके अलावा दस हजार लीटर पानी खर्च करने पर एक रुपये रायल्टी भी विभाग के पास जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। आदेशों के मुताबिक जिन लोगों ने वर्ष 2011 से पहले बोरवेल लगा रखे हैं उन्हें भी ग्राउंड वाटर अथारिटी में पंजीकरण करवाना जरूरी कर दिया है।
ईपीएच मंडल नालागढ़ ने पंजीकरण न करने पर तीन सौ उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं। समय रहते उद्योगपति पंजीकरण नहीं करवाते हैं तो उन पर उसी हिसाब से पनेल्टी भी लगेगी। बीबीएन में जलस्तर लगातार घट रहा है। हालांकि अभी तक 53 फीसदी वाटर लेवल है और यह अभी सेफ जोन में आता है। पिछले वर्ष यह वाटर लेवल 52 फीसदी था। जलस्तर एक फीसदी और नीचे चला गया है। बीबीएन वैली में लोगों ने बिना किसी परमिशन के अपनी मर्जी से बोरवैल लगा दिए हैं। इससे जलस्तर घट रहा है। पानी का स्तर बरकरार रखने के लिए विभाग ने अब पंजीकरण जरूरी कर दिया है।
रेन वाटर हार्वेटिंग टैंक बनाना होगा
बोरवेल के लिए पंजीकरण करवाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक बनाना भी जरूरी है। इससे भू जल स्तर में कमी नहीं आएगी। बीबीएन में 2 हजार से अधिक ट्यूबवेल लगे हैं। अभी तक मात्र दो सौ लोगों ने ही पंजीकरण करवाया है। विभाग ने संबंधित क्षेत्र के आईपीएच विभाग को पंजीकरण न कराने वाले ट्यूबवेल संचालकों को नोटिस जारी करने को कहा है।
तीन सौ उद्योगों को नोटिस जारी
नालागढ़ के आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कनौत्रा ने बताया कि वाटर लेवल कम न हो इसके लिए विभाग ने सभी उद्योगों और निजी लोगों को अपने ट्यूबवेल पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद अभी तक लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया है। इस पर विभाग ने तीन सौ उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। शेष को जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे।
आदेशों पर करना होगा अमल
ग्राउंड वाटर अथारिटी के एसई संजीव कौल ने बताया कि बीबीएन वैली में लगातार घट रहे जल स्तर को देखते हुए यहां पर निजी और व्यावसायिक संस्थानों को ट्यूबवेल और बोरवेल लगाने के लिए पंजीकरण जरूरी कर दिया है। व्यावसायिक क्षेत्र में दस हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में पांच हजार रुपये पंजीकरण फीस रखी है। कहा कि जो लोग बिना पंजीकरण के बोरवेल खुदवाते हैं उनके विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ में जुर्माना भी लगेगा।