हफ्ते में एक दिन मिल रही सप्लाई, 2000 रुपये में टैंकर खरीदने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। आलम यह है कि लोगों को सात से आठ दिनों के लंबे अंतराल के बाद पानी की आपूर्ति मिल रही है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी न मिलने से लोग पानी खरीदने को मजबूर हैं। शहरवासी पूरी तरह से निजी टैंकरों और पेयजल बोतलों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे उनकी जेब पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
पानी की किल्लत से जूझ रहे लोग महीने में तीन से चार बार 2000 लीटर क्षमता वाले पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं। इसके लिए उन्हें 1500 से 2000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा 20 रुपये प्रति लीटर मिलने वाली पानी की बोतलों पर भी निर्भरता बढ़ी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति और भी विकट हो गई है। रविवार को जल शक्ति विभाग की ओर से शहर के लिए 61.61 लाख लीटर पानी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद विभिन्न वार्डों में पानी की किल्लत दूर नहीं हो सकी। आसपास कोई प्राकृतिक जलस्रोत न होने के कारण शहरवासी पूरी तरह से विभाग की सप्लाई पर ही निर्भर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में ऐसा जलसंकट पहली बार देखा है।
कोट
शहर में जल आपूर्ति नियमित रूप से देने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। सभी वार्डों में समान रूप से पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
-सुषमा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन