शैक्षणिक भ्रमण के दौरान धर्मपुर के कंडी की को-ओपरेटीव सोसायटी के राशन डिपु में जानकारी लेते प्र
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धर्मपुर और लाहौल सोसायटी का किया शैक्षणिक भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर(सोलन)। सहकारी प्रबंधन संस्थान हैदराबाद से आए 52 सहायक पंजीयक प्रशिक्षुओं के एक दल इन दिनों उत्तर भारत के शैक्षणिक दौरे पर है। इस दल ने हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली का भ्रमण कर सहकारिता के कामकाज की बारीकियों को समझा। हिमाचल कृषि सहकारिता प्रशिक्षण संस्थान सांगटी समरहिल की वरिष्ठ प्राचार्य शिवानी शर्मा की अगुवाई में इस टीम ने जिला सोलन के धर्मपुर स्थित कंडा मल्टीपर्पज सोसायटी का दौरा किया। शिवानी शर्मा ने प्रशिक्षुओं को हिमाचल में सोसायटी पंजीकरण के नियमों, उनके संचालन और स्थानीय लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के तहत कम दरों पर राशन उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने उत्तर और दक्षिण भारत के सहकारिता मॉडल में अंतर को समझा। दल के मुखिया डॉ. प्रसाद ने बताया कि यहां प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय सेवा केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं। यहां ऋण का आकार छोटा है लेकिन वसूली की दर काफी बेहतर है। यहां सहकारी ऋण संस्थाओं का नेटवर्क व्यापक है और मुख्य ध्यान फसल ऋण पर रहता है। हिमाचल में सहकारिता का मुख्य केंद्र सेब और बागवानी उत्पाद हैं, जबकि तेलंगाना में धान और कपास प्रमुख हैं। इसके अलावा तेलंगाना में डेयरी सहकारिता हिमाचल के मुकाबले अधिक सुदृढ़ है।
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लाहौल पोटैटो सोसायटी का भी किया दौरा
प्रशिक्षुओं के दल ने कुल्लू-मनाली स्थित प्रसिद्ध लाहौल पोटैटो सोसायटी का भी दौरा किया और संस्थान के गौरवशाली इतिहास व कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की। टीम ने पाया कि विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल में सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर तेलंगाना टीम के सदस्य नीलकमल और राजू सहित धर्मपुर पंचायत समिति के पूर्व उपाध्यक्ष मदन मोहन मेहता, कुलदीप ठाकुर और दीन दयाल ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे।