संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में किसानों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। प्रतिकूल मौसम ने पहले किसानों को रबी की फसल में झटका दिया। अब टमाटर में रोग फैलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इसके तहत गंभरपुल में टमाटर सहित पौधे सिकुड़ गए हैं।
इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। अभी तक इस तरह की बीमारी की सूचना सिर्फ इसी क्षेत्र से हैं जहां पर करीब 30 से 35 बीघा में लगे दो लाख पौधे टमाटर समेत खराब हो गए हैं। किसानों की मानें तो उन्हें भी इस बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है।
गंभरपुल के किसान जय सिंह, सुख राम, शेर सिंह, केश्वाराम, सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस रोग के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। इस कारण बाजार में फसल से रोग को दूर करने के लिए बाजार में दवा भी उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी से टमाटर का दाना और पौधा सिकुड़ रहे हैं। टमाटर अंदर से खोखला हो रहा है। एक क्विंटल टमाटर में से 50 किलो खराब निकल रहे हैं। इस तरह की बीमारी पहली बार आई है। किसानों ने बताया कि पिछले तीन वर्ष बाद अगेती टमाटर की फसल को अच्छा दाम मिल रहा है। इस बार इस बीमारी से टमाटर खराब हो गया है। इस वर्ष भी उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगी है।
ज्ञात रहे कि पिछले साल भी जिले के किसानों को खराब बीज मिलने से नुकसान झेलना पड़ा है। इस वर्ष गंभरपुल क्षेत्र में टमाटर की फसल रातोंरात खराब हो रही है। इसका सिलसिला थम नहीं रहा है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. डीपी गौतम ने बताया कि उन्हें किसानों से अभी ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है यदि ऐसा है तो मंगलवार को ही मौके का निरीक्षण किया जाएगा। ताकि किसानों को नुकसान न झेलना पड़े।
करोड़ों का होता है कारोबार
जिले सोलन टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता है और हर वर्ष यहां करोड़ों रुपये का टमाटर का कारोबार होता है। टमाटर की फसल में लग रहे रोग से टमाटर का उत्पादन काफी प्रभावित हुआ है जिससे किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यह बीमारी छोटे-बड़े सभी टमाटर को अपना ग्रास बना रही है। कृषि विभाग से कोई अधिकारी उनकी फसलों का निरीक्षण करने नहीं पहुंचता।