सोलन। जिला सोलन मुख्यालय और आसपास वीरवार दोपहर बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई जिससे टमाटर और शिमला मिर्च समेत अन्य नकदी फसलें तबाह हो गईं। दो सप्ताह पहले भी इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई थीं।
किसानों ने दोबारा से रोपाई कार्य किया लेकिन अब फिर से ओलावृष्टि के कारण फसलें तबाह हो गईं। अब नए सिरे से दोबारा फसलें लगाने के लिए किसानों के पास टमाटर और शिमला मिर्च की पनीरी भी नहीं है। इस कारण किसान चिंतित हो गए हैं। बागवानों को भी ओलावृष्टि से नुकसान झेलना पड़ा है। पिछली बार हुई ओलावृष्टि से बचे फल भी नष्ट हो गए है।
जानकारी के अनुसार सोलन में एक माह पहले टमाटर, शिमला मिर्च की रोपाई कार्य किया था। अब किसान बाड़ और गुड़ाई का कार्य कर रहे थे। किसानों ने दोबारा से ऊंचे दामों पर पनीरी खरीदकर रोपाई कार्य किया था।अब वीरवार को फिर से तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने टमाटर, शिमला मिर्च समेत गुठलीदार फलों को नुकसान पहुंचा दिया है।
अब किसानों को पनीरी के लिए भी भटकना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह से मौसम खराब चल रहा था। वहीं दोपहर बाद एकमदम से बारिश शुरू हो गई। वहीं बारिश के साथ लगातार 20 मिनट ओलावृष्टि हुई जिससे खेतों और सड़कों पर ओलों की चादर बिछ गई। टमाटर, शिमला मिर्च समेत फलदार पौधों को अधिक नुकसान हुआ है।
उधर, कृष्टि विभाग के उपनिदेशक राजेश कौशिक ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। ओलावृष्टि जिला के कुछ ही क्षेत्रों में हुई है। इसमें सभी खंड अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।