बद्दी के राजकीय उच्च विद्यालय सूरजपुर का निर्माणाधीन कमरा। संवाद
सात वर्ष पहले पिलर पर एक कमरा तो बना, नहीं लगी दीवारें
अब दीवारें न होने के पशुओं की शरण स्थली बन चुका है कमरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। राजकीय उच्च विद्यालय सूरजपुर अभी तक माध्यमिक स्कूल के भवन में ही चल रहा है। बच्चों की संख्या को देखते हुए यहां पर भवन की कमी बनी हुई है। अभिभावकों ने यहां पर अधूरे पड़े अतिरिक्त कमरे का कार्य पूरा करने की मांग की है।
सूरजपुर पंचायत में स्थित मिडल स्कूल का दर्जा वर्ष 2017 में कांग्रेस सरकार ने बढ़ाया था। लेकिन यहां पर भवन की कोई व्यवस्था नहीं की गई। दर्जा बढ़ाते समय 3 लाख 25 हजार रुपये से कमरा बनाने का कार्य शुरू किया था। लेकिन बजट के अभाव से केवल कमरे की छत डल पाई। अब कमरा बिना दीवारों के है। जोकि अब यह कमरा पशुओं की शरण स्थली बना हुआ है। अभिभावकों ने इस अधूरे कमरे को पूरा करने की मांग की है ताकि उच्च विद्यालय की कक्षाएं इस कमरे में संचालित हो सके।
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दान की जमीन का नहीं हुआ सही उपयोग
पट्टा महलोग के खुरमिंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि उनकी दादी ने सूरजपुर स्कूल के लिए 27 बीघा जमीन दान दी। लेकिन इस जमीन का सही उपयोग नहीं हो रहा है। सरकार ने स्कूल को अपग्रेड तो कर दिया है, पर भवन की कोई व्यवस्था नहीं की है। जिससे नौवीं व दसवीं कक्षा के बच्चों को बैठने में परेशानी हो रही है। उनके परिवार ने क्षेत्र में शिक्षा के उत्थान के लिए जमीन दी है उसका सही इस्तेमाल होना चाहिए सात साल पहले जो कमरा बना है वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस कमरे का बच्चों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
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मांगी जाएगी रिपोर्ट
उधर, उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। स्कूल से इस बारे में रिपोर्ट मांगी जाएगी। स्कूल प्रशासन को चाहिए की एसएमसी के तहत इसकी दीवारें खड़ी की जाएं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट मंगवाई जाएगी और कमरे को तैयार कर स्कूल के सौंपा जाएगा।