चामत-भड़ेच में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन
भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का किया वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। ग्राम पंचायत चामत-भड़ेच के दयारशघाट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन व्यासपीठ से आचार्य राहुल शर्मा ने भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का वर्णन किया। इस दौरान कृष्ण और राम जन्म के बारे में भी बताया गया। आचार्य ने कहा कि भगवान हमारे अंदर ही आनंद रूप में विद्यमान है। लेकिन हम भौतिक वस्तुओं में आनंद ढूंढते रहते हैं। भगवान का ध्यान करने से यह आनंद स्वत: ही हमारे जीवन में प्रकट होने लगता है।
उन्होंने कहा ध्रुव ने भगवान की भक्ति से न केवल अपना कल्याण किया बल्कि अपने पूर्वजों व कुल को भी तार दिया। जब भगवद् पार्षद उन्हें भगवान के धाम ले जा रहे थे तो ध्रुव ने उनसे कहा कि उनकी माता कहां है और वह अपनी माता के बिना भगवान के धाम नहीं जाएंगे तो भगवद् पार्षदों ने कहा कि जिनके पुत्र ध्रुव जैसे हों उनकी माता का कल्याण न हो यह संभव नहीं है। उनके आगे जो भगवान के धाम को प्रस्थान कर रहें हैं वह उनकी माता ही है। इस कथा से उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को यह भी संदेश दिया कि बुढ़ापे में माता-पिता की सेवा उनका परम कर्तव्य है। यहां पर भी बच्चे अपने सनातन धर्म से जुड़ रहे हैं, जिसके माध्यम से उनमें आध्यात्मिक गुणों का विकास हो रहा है। निश्चित तौर पर यह आने वाली पीढ़ी के लिए सनातन संस्कृति से जुड़ने का संदेश देंगे और अपने माता-पिता की सेवा करेंगे।
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14 को होगा समापन
इस आयोजन के यज्ञाचार्य नरेश शर्मा ने बताया कि रविवार को कथा को विराम दिया जाएगा। इस आयोजन में ब्रह्मचारी बालक रूद्र, अरनव, सुकृत, अरुण, सिद्धार्थ, पारस, कुश, आयुष, चिन्मय, लक्ष्य, नमन, रिशु, हिमांशु अपनी स्वैच्छिक सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा उपाचार्य सुशील शर्मा, सहायक आचार्य डा. मनोज शर्मा, अनिल शर्मा, नरेंद्र शर्मा, उमेश, पंकज, पद्मदेव, योगेंद्र शर्मा, सत्यप्रकाश व सुरेंद्र शर्मा धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।