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Solan News: बद्दी-नालागढ़ हाईवे के साथ दून की सड़कें बेहाल, विकास के दावे जमीन पर ध्वस्त

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बददी-नालागढ़ हाईवे की खस्ताहाल सड़क। संवाद - फोटो : 1
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फोरलेन फाइलों में कैद, जर्जर सड़कों के कारण पलायन को मजबूर हो रहे लोग
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बद्दी-बरोटीवाला सड़क पर उड़ रहे धूल के गुबार

सुरेंद्र शर्मा

बद्दी (सोलन)। औद्योगिक नगरी बद्दी और दून विधानसभा क्षेत्र की सड़कें आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। संपर्क मार्ग हों या नेशनल हाईवे, हर तरफ गड्ढों और धूल के गुबार ने विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है। सबसे चिंताजनक स्थिति पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना की है, जो पिछले दो वर्षों से फाइलों में अटकी हुई है। इस फोरलेन का निर्माण कार्य पटेल कंपनी की ओर से बीच में छोड़े जाने के बाद से अधर में है। नया टेंडर अब तक 15 बार रद्द हो चुका है। एक साल से केवल तारीखें मिल रही हैं, लेकिन धरातल पर काम शुरू होने का कोई नामोनिशान नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण करोड़ों का यह प्रोजेक्ट रुका हुआ है। बद्दी-साई रोड की हालत इतनी खराब है कि सामाजिक संस्थाओं को प्रदर्शन और मुंडन तक करवाना पड़ा, पर परिणाम शून्य रहा। बद्दी-बरोटीवाला सड़क औद्योगिक क्षेत्र का सबसे व्यस्त मार्ग होने के बावजूद यहां दिनभर धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे राहगीरों का जीना मुहाल है। वर्धमान-थाना-लोदीमाजरा मार्ग पिछले तीन वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहा है। ग्रामीण सड़कें पट्टा-महालोग, पट्टा-जोहड़ी और बनलगी सड़कों पर गड्ढों के कारण आवाजाही खतरनाक हो गई है। संवाद
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जनता में भारी रोष, पलायन की चेतावनी
सड़कों की खस्ताहाली से तंग आकर स्थानीय निवासियों ने अब पलायन की चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि सड़कों पर उड़ती धूल और घंटों लंबे जाम के कारण न केवल समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। कई लोग बेहतर नागरिक सुविधाओं के अभाव में पहले ही क्षेत्र छोड़ चुके हैं।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास की बात करने वाले नेता अब मौन साधे हुए हैं। न ही विपक्ष सड़कों, स्ट्रीट लाइटों या बस स्टैंड जैसे बुनियादी मुद्दों पर दबाव बना पा रहा है। जनता का साफ कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों को असल तकलीफ देखनी है, तो वे इन सड़कों पर पैदल चलकर देखें।
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