शहरी विकास विभाग ने संयुक्त रूप से तैयार किया विशेष मोबाइल एप
चालान की प्रक्रिया पूरी तरह होगी पेपरलेस, दुकानदार के मोबाइल पर तुरंत पहुंचेगी डिजिटल कॉपी
300 रुपये से शुरू होगी जुर्माना राशि, जब्त प्लास्टिक के वजन के हिसाब से बढ़ेगा जुर्माना भी
चालान के साथ मौके की फोटो भी होगी अपलोड, पारदर्शिता बढ़ने से नहीं होगा कोई विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में प्रतिबंधित व सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर अब नगर निगम पूरी तरह से डिजिटल शिकंजा कसने जा रहा है। शहर की दुकानों में प्रतिबंधित प्लास्टिक मिलने पर अब नगर निगम मैनुअल के बजाय ऑनलाइन चालान करेगा। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शहरी विकास विभाग ने मिलकर एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया है। इस नई व्यवस्था से चालान प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आएगी।
नगर निगम ने अपने सफाई निरीक्षकों समेत अन्य संबंधित कर्मचारियों के मोबाइल में इस एप को इंस्टॉल करवा दिया है। इसके साथ ही फील्ड में मुस्तैद रहने वाले इन कर्मचारियों को एप के संचालन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। अब निगम की टीमें बाजार में औचक निरीक्षण करेंगी और प्रतिबंधित प्लास्टिक पाए जाने पर मौके पर ही ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी। अभी तक नगर निगम की टीम मैनुअल तरीके से पर्चा भरकर चालान काटती थी लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया बदल जाएगी। ऑनलाइन चालान होते ही दुकानदार के मोबाइल पर तुरंत एक मैसेज जाएगा, जिसमें चालान की डिजिटल कॉपी संलग्न होगी। इसके बाद दुकानदार को कहीं चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी वे ऑनलाइन माध्यम से ही अपने जुर्माने का भुगतान भी कर सकेंगे।
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वजन के हिसाब से तय होगा जुर्माना
इस नई व्यवस्था के तहत जुर्माना राशि कम से कम 300 से शुरू होगी। इसके बाद जितनी अधिक मात्रा (ग्राम के हिसाब से) में प्लास्टिक बरामद होगा, जुर्माने की राशि उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक के चम्मच, गिलास, कैरी बैग पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा।
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इस तरह काम करेगा नया सिस्टम
निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित प्लास्टिक मिलने पर निगम का कर्मचारी एप में दुकानदार और दुकान की पूरी डिटेल भरेगा। इसके बाद जब्त किए गए प्लास्टिक की मात्रा (वजन) को एप में दर्ज किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि मौके पर ही प्रतिबंधित प्लास्टिक की फोटो खींचकर एप पर अपलोड करनी होगी। फोटो साक्ष्य के रूप में दर्ज होने से चालान को लेकर दुकानदार और निगम टीम के बीच लड़ाई-झगड़े या मिलीभगत की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
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शहर में सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। निरीक्षण कार्यों को पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाने के लिए यह एप तैयार किया गया है। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और दुकानदारों को तुरंत मैसेज के जरिए चालान की कॉपी मिल जाएगी।
राजेश कुमार, नोडल अधिकारी नगर निगम सोलन