लुनस के रजवाहन स्थित प्राचीन जालपा माता मंदिर का विवाद हल होने की उम्मीद है। प्रशासन के साथ कई बैठकें होने के बाद अब कमेटी के गठन की कवायद शुरू हो सकती है। शुक्रवार को जालपा माता मंदिर की नई कमेटी के गठन को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग से मिला। एसडीएम ने लोगों की आपसी सहमति के साथ नई कमेटी का गठन करने को कहा। इस संबंध में 19 दिसंबर को नालागढ़ में बैठक रखी है।
इस अवसर पर विनोद ठाकुर, पूर्व उपप्रधान प्रेमलाल, राम सिंह, चेत राम, श्रवण कुमार, जगत राम, रणजीत सिंह, हेत राम, बीर सिंह, जगजीत सिंह, अधिवक्ता योगेशवर राणा और सेवा सिंह मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने इस विवाद को समाप्त करने के लिए एसडीएम से आग्रह किया कि मंदिर के विवाद को जल्दी सुलझाया जाए और नई कमेटी को गठन करें।
गौरतलब है कि जालपा माता मंदिर कमेटियों का विवाद कई माह से चल रहा है। प्रशासन के साथ लोगों की कई बैठकें भी हुईं लेकिन यह विवाद सुलझ नहीं पाया। हालांकि प्रशासन ने मंदिर की देखरेख की जिम्मेवारी नायब तहसीलदार रामशहर को सौंपी थी और अगस्त में बैठक में मंदिर के 11 सालों के आयव्यय का ऑडिट करवाने के लिए नायब तहसीलदार रामशहर को निर्देश दिए थे। प्रशासन ने मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए एक पुजारी और सुरक्षा के लिए दो होमगार्ड रखने के लिए निर्देश दिए थे। रजवाहन स्थित जालपा माता मंदिर करीब सौ साल से ज्यादा पुराना है।
लोगों का कहना है कि यह मंदिर राजपूत कलाहू, मलैहणू की कुलदेवी का मंदिर है। इसकी स्थापना सालों पहले पुजारी धमंडा ने मूर्ति स्थापित कर की थी। एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने बताया कि मंदिर की नई कमेटी के गठन को लेकर प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है। उन्होंने बताया कि 19 तारीख को कमेटी के गठन को लेकर बैठक रखी है जहां लोगों की आपसी सहमति के साथ इस विवाद को सुलझाया जाएगा।
यह है पूरा विवाद
जालपा मंदिर पर गांव के दो गुट अपना अधिकार जताते हैं। इसे लेकर कुछ माह पहले काफी विवाद हुआ था। स्थिति बिगड़ने पर यहां पुलिस की तैनाती करनी पड़ी थी। बाद में दोनों कमेटियों को छोड़कर मंदिर को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ले लिया था। अब दोबारा लोगों ने इस मंदिर के चले आ रहे विवाद को सुलझाने की पहल की है। लिहाजा बैठक में ही तय होगा कि कमेटी किस तरह गठित होगी।