फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: शिव कथा में बताया भस्म और मां गंगा के आध्यात्मिक स्वरूप का महत्व

Thu, 29 Oct 2026 01:17 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
विज्ञापन
कंडाघाट नई धर्मशाला में शिव कथा श्रवण करते भक्तजन। स्त्रोत:आयोजक
विज्ञापन
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की पांच दिवसीय शिव कथा में उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से कंडाघाट की नई धर्मशाला में आयोजित पांच दिवसीय श्री शिव कथा के चौथे दिन साध्वी श्वेता भारती ने भगवान शिव के स्वरूप और उनके शृंगार का आध्यात्मिक महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव के शरीर पर लगी भस्म मानव देह की नश्वरता और शारीरिक मोह त्यागने का संदेश देती है। पांच तत्वों से बना शरीर अंततः राख में विलीन हो जाता है, इसलिए मनुष्य को देह के मोह से ऊपर उठकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को पहचानना चाहिए।
विज्ञापन

भगवान शिव की जटाओं से प्रवाहित मां गंगा का आध्यात्मिक महत्व समझाते हुए उन्होंने कहा कि मन की अनियंत्रित कामनाओं पर ब्रह्मज्ञान और साधना से नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने मानसिक तनाव को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि आत्म-साक्षात्कार और यथार्थ ध्यान के माध्यम से स्थायी शांति प्राप्त की जा सकती है।
विज्ञापन

कथा के दौरान साध्वी सोनिया भारती, साध्वी मीनू भारती और गुरुबहन मनीषा ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। आरती में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी तरसेम भारती और चायल होटल संघ के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इनमें प्रधानाचार्य मदन लाल मनकोटिया, उपमंडल अधिकारी विनीत भारद्वाज, अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, प्रबल चौहान और सुरेंद्र साहनी भी शामिल रहे।

कंडाघाट नई धर्मशाला में शिव कथा श्रवण करते भक्तजन। स्त्रोत:आयोजक

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें