अंबुजा प्रभावित लोगों से एसडी एम निशांत तोमर बैठक करते हुए। संवाद
ब्लॉस्टिंग मामले में दाड़लाघाट में बोले,महापंचायत मंच के राज्य संयोजक संदीप
अब 21 को मांगू ग्राउंड में होगी तीसरी किसान महापंचायत
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट कंपनी की ओर से की जा रही अवैध ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में सीमेंट उद्योग प्रभावित एवं विस्थापित मंच का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को दाड़लाघाट में किसान महापंचायत आयोजित की गई। इसमें मंच के राज्य संयोजक संदीप ने कहा कि कंपनी की ओर से कानूनों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जबकि जिला प्रशासन अब तक इस गंभीर मामले का समाधान करने में विफल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र में जनसुनवाई के बिना बंद कमरों में किसी भी प्रकार की बैठक को मंच स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि अंबुजा कंपनी के खिलाफ संघोई धार में चल रहा धरना 19वें दिन भी जारी है और इसी कड़ी में तीसरी विशाल किसान महापंचायत रविवार, 21 दिसंबर को सुबह 11 बजे मांगू ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। मंच ने मांग की है कि सोलन के उपायुक्त स्वयं प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर जनसुनवाई करें तथा सभी संबंधित विभागों को मौके पर बुलाया जाए। मंच का आरोप है कि अर्की एसडीएम ने मंगलवार को प्रस्तावित बैठक ब्लास्टिंग मामले से संबंधित न होकर भूमि अधिग्रहण से जुड़ी थी, जिसका प्रभावित ग्रामीणों से कोई लेना-देना नहीं है। इसी कारण मंच ने उस बैठक का बहिष्कार किया। संदीप ने 6 दिसंबर को घुमारो क्षेत्र में हुई भीषण, अनियंत्रित और अवैज्ञानिक ब्लास्टिंग का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना ने ग्रामीणों के जीवन को गंभीर खतरे में डाल दिया है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन और ब्लास्टिंग को लेकर कंपनी की गंभीर लापरवाही साफ नजर आती है। मंच ने लोगों की जान को खतरे में डालने वाली अनियंत्रित ब्लास्टिंग के लिए जिम्मेदार अंबुजा सीमेंट कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है।
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समिति का किया जाए गठन
मंच ने कहा कि अंबुजा सीमेंट के प्लांट और माइनिंग क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए 25 सदस्यीय समिति का गठन किया जाए। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 सदस्यीय समिति बनाई जाए। एसीसी सीमेंट प्लांट बरमाणा के प्रभावित एवं विस्थापित क्षेत्रों के लिए 20 सदस्यीय समिति का गठन किया जाए। मंच ने डेंजर जोन क्षेत्रों में रह रहे लोगों के लिए तत्काल सुरक्षा इंतजाम, धूल-प्रदूषण, पानी, सड़कों और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की भी मांग की है। संयोजक संदीप, उपाध्यक्ष कश्मीर ठाकुर, सचिव संजय कुमार ने दोहराया कि जब तक प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलता और प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक सीमेंट उद्योग प्रभावित मंच का आंदोलन जारी रहेगा।