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बाबा और रामलोक मंदिर पर अब पंचायतों का महासंग्राम

Tue, 16 May 2017 10:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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रामलोक मंदिर के बहुचर्चित बाबा अमरदेव का मामला अब महापंचायतों के बीच महासंग्राम बन गया है। महज एक दिन पहले पंचायतों के समागम में बाबा अमरदेव को मंदिर में न घुसने देने का एलान किया था लेकिन दूसरी तरफ सोमवार को कुछ पंचायतें अब बाबा के समर्थन में उतर आई हैं। रामलोक मंदिर न्यास के सदस्य धीरज सूद ने आधा दर्जन पंचायतों का समर्थन मिलने का दावा किया है।
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आधा दर्जन पंचायतों के करीब सौ लोगों ने बाबा के समर्थन में एकजुटता जाहिर की है। यह तमाम लोग बाबा अमरदेव के समर्थक होने के साथ ही मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं। उन्होंने दावा किया है कि जिस जमीन को राजस्व विभाग सरकारी मानकर नोटिस जारी कर रहा है, असल में वो जमीन पंचायत की है।

पंचायत ने बाकायदा जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान की है। इसके लिखित दस्तावेज भी उनके पास हैं। फिलहाल इस पूरे विवाद के बीच बाबा अमरदेव के समर्थन में उतरी पंचायतों के लोग मंगलवार को जिला मुख्यालय सोलन में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। यहां यह सभी मंदिर निर्माण से जुड़े दस्तावेज लोगों के सामने रखेंगे।
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यह रामलोक का पूरा विवाद
26 अप्रैल को बाबा अमरदेव और ग्रामीणों में हिंसक झड़प हो गई थी। इसमें बाबा और एक महिला घायल हुई थी। महिला को सोलन अस्पताल और बाबा का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है। इसमें ग्रामीणों ने बाबा पर तेजधार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि इस हमले में महिला को गंभीर चोटें आई हैं। वहीं बाबा ने ग्रामीणों में पर मारपीट का आरोप लगाया रखा है। इसमें कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी की थी जिन्हें बाद में कोट से जमानत पर छोड़ा गया।

जमीन को लेकर लोगों और बाबा में टकराव
अब रामलोक मंदिर की जमीन पर पंचायत के ग्रामीण, राजस्व विभाग और खुद बाबा अपना-अपना हक जता रहे हैं। रविवार को इस कड़ी में 22 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने साझा बैठक कर बाबा अमरदेव को किसी भी कीमत पर मंदिर में न घुसने देने का ऐलान किया है। इस ऐलान के ठीक एक दिन बाद सोमवार को इलाके की करीब आधा दर्जन पंचायतों के लोग ने इस निर्णय के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ने की बात कही है।

आधा दर्जन पंचायतों के समर्थन का दावा
रामलोक मंदिर न्यास के सदस्य धीरज सूद ने दावा किया कि मंदिर का विरोध सही नहीं है। कुछ लोगों के विरोध की वजह से मंदिर निर्माण नहीं रोका जा सकता है। बाबा अमरदेव के समर्थन में आधा दर्जन पंचायतों के करीब सौ लोग सामने आकर इस बात को रखेंगे।

नोटिस का 23 तक देना होगा जवाब : तहसीलदार
कंडाघाट के तहसीलदार संजीत शर्मा ने कहा कि रामलोक मंदिर जमीन को लेकर 23 मई तक जवाब मांगा है। राजस्व विभाग ने बाबा अमरदेव को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस मंदिर परिसर में भी चिपकाया गया है। यदि समय पर जवाब नहीं मिला तो भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नोटिस में बाबा से मंदिर की कुल जमीन और कब्जे के बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। यह विभाग की तरफ से जारी पहला नोटिस है। इसके बाद नियमित रूप से कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।  

बाबा के रामलोक पर नोटिस चस्पां
रामलोक मंदिर के बाहर राजस्व विभाग ने नोटिस चिपकाकर बाबा अमरदेव को अवैध कब्जे पर 23 मई तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश जारी किए हैं। तय अवधि तक जवाब न मिलने पर विभाग आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा। नोटिस में बाबा अमरदेव से मंदिर निर्माण और कब्जे ली सरकारी भूमि के बारे में जानकारी मांगी है। यह राजस्व विभाग की ओर से जारी दूसरा नोटिस है। इससे पूर्व जारी नोटिस का बाबा ने जवाब नहीं दिया था। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब दोबारा जारी नोटिस का भी सही जवाब नहीं मिला तो एक तरफा कार्रवाई की जा सकती है।
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