दीवारें अक्सर लोगों को बांटती हैं या फिर डर की वजह से दीवारें खुद को बचाने के लिए तैयार होती हैं।
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दीवारें अक्सर लोगों को बांटती हैं या फिर डर की वजह से दीवारें खुद को बचाने के लिए तैयार होती हैं। लेकिन बद्दी के लोगों ने एक ऐसी दीवार तैयार की है जिससे प्यार, भाईचारे और एकता का संदेश लोगों तक पहुंचेगा। दीवार का नाम रखा है नेकी की दीवार। राह चलता कोई भी व्यक्ति इस दीवार के सहारे नेक कार्य कर सकता है। खास बात यह है कि इस दीवार को हिंदु और मुस्लिम भाइयों ने मिलकर तैैयार किया है।
दरअसल नेकी की दीवार बेसहारा और जरूरतमंदों के खातिर तन ढकने के लिए बनाई है। इस दीवार पर लोग अपने छोटे हो चुके या फिर पुराने गरम कपड़ों को टांग सकते हैं ताकि उन कपड़ों को बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के साईं मार्ग पर बसंती बाग में यह नेकी की दीवार बनाई गई है। इसमें प्रयोग न होने वाले नए और पुराने कपड़ों को टांगने की व्यवस्था की है।
जनसहयोग से बनाई इस नेकी की दीवार पर टंगे कपड़े बेसहारा और जरूरतमंदों तक पहुंचेंगे। एक मुस्लिम भाई ने अपने घर की यह दीवार दी है। स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से इस दीवार पर पेंट, बुडन वर्क तथा हैंडल वर्क करवाया जाएगा। इस दीवार पर टंगे कपड़ों को फिर जनसहयोग से जरूरतमंदों तथा बेसहारा लोगों और बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।
पार्षद संदीप सचदेवा और किशोर ठाकुर ने बताया कि दीवार के मालिक बली मोहम्मद हैं। इन्होंने इस पुनीत कार्य में सहयोग दिया है। गोदावरी टेड्रर्स के रमन ने दीवार पर पेंट करवाया है। जसपाल गर्ग ने हैंडल वर्क करवाया है।
डिसेंट फर्नीचर के पवन के सहयोग दीवार पर बुडन वर्क करवाया जाएगा। दीवार पर लोग घर में प्रयोग न होने वाले नए और पुराने कपड़े इच्छानुसार टांग सकते हैं। दीवार पर टंगे कपड़ों को बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम जनसहयोग से किया जाएगा। नेकी की दीवार की देखरेख का जिम्मा सेवा भारती को सौंपा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नेकी की दीवार पर अधिक से अधिक कपड़े टांगे ताकि यह कपड़े जरुरतमंदों और बेसहारा लोगों के काम आ सकें। ठंड के मौसम में कई लोग ऐसे हैं जिनके पास तन ढकने के लिए कपड़े नहीं हैं।