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स्वच्छ पानी के नाम पर लोगों से धोखा, नहीं भेजा टैंक ढकने का प्रस्ताव

Wed, 28 Sep 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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पानी के स्टोरेज टैंकों को ढकने के प्रस्ताव के नाम पर शहर की जनता को अंधेरे में रखा जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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पानी के स्टोरेज टैंकों को ढकने के प्रस्ताव के नाम पर शहर की जनता को अंधेरे में रखा जा रहा है। कक्कड़हट्टी पंचायत में गांव और स्कूल के टैंक में जहरीला पदार्थ मिलाने की कोशिश हो चुकी है। लिहाजा जिला मुख्यालय के शहर में मुहैया होने वाले पानी की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर है। लेकिन सरकार के मंत्री से लेकर भाजपा समर्थित नगर परिषद के नुमाइंदे टैंकों को ढकने का जिम्मा एक दूसरे पर थोप रहे हैं। ऐसे में सियासी दिग्गजों वाले सोलन शहर की जनता की सेहत को गंदे पानी की सप्लाई से बचाने के लिए कोई भी संजीदा नजर नहीं आता। इसी का नतीजा है कि अब प्रस्ताव न भेजने की बात सामने आई है।
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खुद स्थानीय विधायक एवं मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि प्रस्ताव आए तो बजट का प्रावधान करेंगे। नगर परिषद ने कोई प्रस्ताव बनाकर नहीं भेजा। इसके लिए नगर परिषद और कार्यकारी अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। उन्होंने माना की टैंकों को ढकने समेत अन्य सुरक्षित व्यवस्था करने की घोषणा की थी। खैर चाहे जो भी हो अभी तक खुले टैंक हादसों को न्योता दे रहे हैं। 12 और 8 लाख गैलन वाले बिना छत के स्टोरेज टैंकों से रोजाना शहर को पानी की सप्लाई दी जा रही है। हाल में ही कक्कड़हट्टी पंचायत में स्कूल और गांव के पानी के स्टोरेज टैंक में जहर डालने की घटना हो चुकी है। लेकिन सरकारी तंत्र अभी तक नहीं जागा।

यह होने थे कार्य
-दोनों टैंकों के ऊपर छत का प्रावधान
-पानी के टैंकों के इर्द गिर्द लंबी फैंसिंग
-सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे
-होमगार्ड जवानों की टैंक एरिया में तैनाती
-गैस क्लोरिनेशन मशीन से पानी की क्लोरिनेशन

प्रस्ताव बनाएं तब मिलेगा बजट : मंत्री
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि नप ने अभी तक टैंक को ढकने और फैंसिंग के लिए प्रस्ताव ही बनाकर नहीं भेजा है। तो बजट कहां से जारी करवाएं। कहा कि उन्होंने मार्च में फैंसिंग और छत के लिए बजट जारी करने की घोषणा की थी। लेकिन भाजपा समर्थित नप अध्यक्ष समेत कार्यकारी अधिकारी ने कोई भी प्रस्ताव बनाकर नहीं भेजा। इस संबंध में नप अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। पानी की सेफ्टी एक गंभीर मुद्दा है। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। वह खुद इस मामले में इनीशिएट लेंगे।
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नहीं भेजा विभाग को प्रस्ताव : अध्यक्ष
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता ने माना कि नप द्वारा शहरी विकास विभाग को शहर के टैंकों को ढकने का कोई भी प्रस्ताव नहीं भेजा है। बल्कि  शहर में जब पीलिया के मामले सामने आए थे तो मंत्री शांडिल ने खुद टैंकों का दौरा किया। साथ ही टैंकों को ढकने और इसके आसपास फेंसिंग के लिए स्वयं धनराशि देने की बात कही थी। वहीं मंत्री ने अभी नप को कोई राशि नहीं दी है। जैसे ही राशि आएगी टैंकों को ढकने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।  

बिंदल बोले नो कमेंट, रीतू बोली कमजोर सरकार
सोलन शहर में में गिरि जैसी पेयजल योजना को शुरू कर वाहवाही लूटने वाले प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं पूर्व विधायक डॉ. राजीव बिंदल से जब इस विषय पर बात की तो उन्होंने किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया। प्रदेश प्रवक्ता रीतु सेठी से बात करने को कहा गया। वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने इसे लेकर मुख्यमंत्री को ही जिम्मेवार ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री ही ऐसा होगा तो मंत्री और निचले स्तर के अधिकारियों से क्या आशा जनता रखेगी? वहीं इससे पहले भी कई बार मंत्री धनी राम शांडिल ऐसे कई आश्वासन देकर भूलने का कार्य कर चुके हैं। साल के आरंभ में ही गंदे पानी के कारण फैले पीलिया का प्रकोप फैल चुका है। शिमला के युग का मामला हो या सुबाथू में पानी के टैंकों में जहरीला पदार्थ मिलाने का मामला, न तो प्रदेश सरकार, न ही मंत्री और न ही प्रशासन गंभीर नजर आए।

कई सालों से दिखा रहे सब्जबाग
नगर परिषद चाहे भाजपा की हो या कांग्रेस की। कई सालों से 50 लाख की राशि नगर परिषद के बजट में दर्शाई जा रही है। वर्ष 2016-17 में भी मद नंबर 10 में मुख्य पानी टैंकों को कवर करने और फेंसिंग हेतु तथा अन्य टैंकों की फेंसिंग हेतु 50 लाख खर्च का प्रावधान कागजों में किया है।
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