गर्मी से जहां लोग बेहाल हैं वहीं जंगलों में लग रही आग से वन संपदा को भी नुकसान हो रहा है।
गर्मी से जहां लोग बेहाल हैं वहीं जंगलों में लग रही आग से वन संपदा को भी नुकसान हो रहा है। बीबीएन के जंगलों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया है। तारादेवी मंदिर की शिवालिक तराइयों की पहाड़ियां आग से धधक उठी हैं।
वन कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जंगल होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी यहां नहीं पहुंच सकती। बीते सप्ताह भी इन जंगलों में आग लगी थी, इसके बाद इसे बुझा दिया था। लेकिन रात को फिर से इन पहाड़ियों में आग भड़क उठी। आधी रात को वन कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया था लेकिन सुबह फिर से जंगल में आग लग गई।
वन कर्मचारी सुबह से ही आग बुझाने में जुट गए थे। लोदीमाजरा, हिल व्यू अपार्टमेंट और वर्धमान के पास वाले जंगलों में कई बार आग लग चुकी है। बीबीएन में सूर्यदेव आग बरसा रहे हैं वहीं दूसरी ओर जंगलों की आग से जहां वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है वहीं गरमी में भी इससे इजाफा हो रहा है। आजकल पक्षियों का प्रजनन काल चला हुआ है। ऐसे में जीव जंतु भी आग की भेंट चढ़ रहे हैं।
ठिकरी पहरे के दिए हैं निर्देश: भंडारी
डीएफओ नालागढ़ प्रीती भंडारी ने कहा कि आग की इन घटनाओं से निपटने के लिए वन विभाग पहले ही एहतियात के तौर पर कदम उठा चुका है। लेकिन कई बार अचानक आग लग जाती है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में भीष्ण गरमी पड़ती है जिसके चलते केवल मात्र घर्षण से भी आग लग जाती है।
कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए हैं और कमेटियों का गठन करने के अलावा ठिकरी पहरे तथा मोबाइल वैन और वन कर्मियों को मोबाइल सुविधा से लैस किया है। स्थानीय लोगों से आह्वान किया है कि वह आग लगने की सूचना विभाग को दें और स्वयं आग बुझाने के कार्य में जुट जाएं।