सोलन। जिले के बाजारों में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर अधिकतर दुकानदारों ने बेस्ट बिफोर डेट की सूचना अंकित नहीं की है। इसके चलते विभाग की ओर से जारी किए गए आदेशों की अवहेलना हो रही है।
हालांकि मिठाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए दो टीमें त्योहारी सीजन को देखते हुए सैंपल भर रही हैं,लेकिन मिठाई की दुकानों पर बिकने वाली मिठाइयां कब बनी हैं और इनका प्रयोग कब तक किया जा सकता है, इस बाबत लोगों को जानकारी नहीं मिल पा रही है।
इसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गौर रहे कि खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग और लेवलिंग) विनियम, 2011 के तहत दूध से बने खाद्य पदार्थ और खुली मिठाइयों पर निर्माण और उपयोग की तारीख 1 अक्तूबर 2020 से लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम पहले सिर्फ पैक्ड मिठाइयों पर ही लागू होता था। हालांकि, अब इस मानदंड को बिना पैक की मिठाइयों के लिए भी अनिवार्य किया गया है। नियम के अनुसार मिठाई की दुकानों में परातों एवं डब्बों वाली मिठाइयों के निर्माण की तारीख और उपयोग की उपयुक्त अवधि जैसी जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।
वहीं, यदि कोई नियम का पालना नहीं करता है तो उस कारोबारी के खिलाफ दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी नियम में रखा गया था, लेकिन इन नियमों की पालना दुकानदार नहीं कर रहे हैं। उधर, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया कि मिठाई की दुकानों पर खुली मिठाइयों की परात और डिब्बे पर निर्माण और उपयोग की तारीख लिखना अनिवार्य है। अगर कोई नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीमों को निर्देश जारी किए गए हैं।
इस प्रकार निर्धारित होगी एक्सपायरी डेट
मिठाइयों की लाइफ शेल्फ को एक दिन की समयावधि से लेकर 30 दिन तक निर्धारित किया गया है। इस शेल्फ के अनुसार बनाई गई मिठाई कितने दिन में एक्सपायर होगी, इसके बारे में लोग पता लगा सकेंगे। मिठाइयों की वैरायटी में वेरी शार्ट लाइफ (जिस दिन निर्माण की गई उसी दिन एक्सपायर होना), शार्ट लाइफ (तैयार करने के दो दिन बाद एक्सपायर होना), मीडियम लाइफ (तैयार करने के चार दिन बाद एक्सपायर होना), लांग लाइफ (तैयार करने के सात दिन बाद एक्सपायर होना), वेरी लांग लाइफ (तैयार करने के 30 दिन बाद एक्सपायर होना) श्रेणी के तहत रखा गया है।