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40 डिग्री तापमान में आसमान तले पढ़ने को नौनिहाल मजबूर

Tue, 26 Apr 2016 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी सोलन
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स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के सरकारी दावे नालागढ़ क्षेत्र की प्लासी कलां पंचायत में हवा हो रहे हैं। पंचायत में प्रारंभिक शिक्षा के लिए बना 40 वर्ष पुराना भवन प्रशासन ने एक साल पहले असुरक्षित घोषित कर दिया था। लेकिन नए भवन के लिए बजट अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। नतीजतन बच्चों को खुले आसमान के नीचे 40 डिग्री तापमान की तपिश में पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि एक कंपनी ने एक कमरा बनाकर दिया है लेकिन सभी कक्षाओं के लिए महज एक कमरा नाकाफी है। इस दिक्कत के चलते छह स्कूली बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़ दिया है।
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उधर कई अभिभावक अपने बच्चों को इस भीषण गर्मी में स्कूल भेजने से अब कतराने लगे हैं। बच्चों के सरकारी स्कूल छोड़ने के पीछे की बड़ी वजह शिक्षा विभाग का लापरवाही पूर्ण रवैया भी है।

यह है मामला
एक साल पहले एसडीएम नालागढ़ की ओर से स्कूल भवन का दौरा कर इसे अनसेफ घोषित कर दिया था। इस संबंध में एक रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग तक पहुंचाई गई। रिपोर्ट पर विभाग की ओर से एक साल के भीतर कोई जवाब तक नहीं दिया। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भी विभाग को कोई रिमांडर मेसेज न देने से मामला जस का तस बना है।
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34 बच्चे अध्ययनरत
स्कूल में मौजूदा समय में 34 बच्चे पांचवीं तक की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनके अभिभावक गुरदीप कौर, निशा राणी, कुलदीप सिंह, सुनीता देवी, कमलेश कौर, संतोष कुमारी, ममता देवी, कर्म चंद और राम लाल का कहना है कि स्कूल बच्चों को भवन की सुविधा नहीं दे रहा है। गर्मियों के कारण बच्चों को इस तरह पढ़ाई करवाना संभव नहीं है। वह अपने बच्चों से स्कूल छुड़वाने को लेकर विचार कर रहे हैं। कहा कि इसके अतिरिक्त उनके पास कोई नजदीकी विकल्प भी नहीं है। पर सरकार और विभाग भी प्लासी कलां स्कूल की कोई सुध नहीं ले रहा है।

एक कमरे में पढ़ाई संभव नहीं
सेंटर हेड टीचर दिलबर खान ने कहा कि स्कूल भवन को अनसेफ घोषित किया है। एक कमरा निजी कंपनी ने बनाया है। यहां सभी बच्चों की एक साथ पढ़ाई संभव नहीं है। कई अभिभावकों ने बच्चों का इस स्कूल में जाना बंद करवा दिया है। स्कूल परिसर में कोई छायादार जगह भी नहीं है जहां बच्चों को शिक्षा दी जा सके। बीईईओ कृष्णलाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। इस संबंध में एक साल पहले विभाग को सूचना भेज दी गई है। अब तक स्कूल भवन को लेकर कोई बजट मुहैया नहीं करवाया गया है।
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