रातभर जाम से लोग परेशान
अखबार, दूध समेत रोजमर्रा का सामान भी पहुंचा लेट
बुधवार देर रात मलबा हटाने का भी चलता रहा कार्यसंवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/धर्मपुर। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर चक्कीमोड़ के समीप बुधवार रात से लगातार पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। इस कारण हाईवे पर देर रात भारी जाम लग गया। करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में सैकड़ों वाहन फंस गए। वनवे ट्रैफिक व्यवस्था के चलते हालात और भी खराब हो गए। वीरवार सुबह 9 बजे तक यह स्थिति बनी रही।
परवाणू से धर्मपुर तक का सफर सामान्य से तीन गुना अधिक समय में तय हुआ। ट्रक, पिकअप, बसें और छोटे वाहन सभी इस जाम में फंस गए। बसों में सवार यात्रियों को पूरी रात भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने के चलते वीरवार तड़के 4:00 बजे पहुंचने वाला रोजमर्रा का सामान, जैसे दूध, ब्रेड और अखबार निर्धारित समय से तीन घंटे देरी से धर्मपुर पहुंचा। इन्हें तब ही गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका जब रास्ता आंशिक रूप से खोला गया।
बताया जा रहा है कि चक्कीमोड़ क्षेत्र में रात के दौरान कई बार पत्थर और मलबा गिरा। इस कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने वाहनों को परवाणू और चक्कीमोड़ के बीच रोक दिया। रातभर मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम जारी रहा। धीरे-धीरे वाहनों को चक्कीमोड़ से निकालना शुरू किया गया।
गौरतलब है कि परवाणू-सोलन फोरलेन के निर्माण के बाद से चक्कीमोड़ क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। बुधवार को भी इसी तरह की स्थिति बनी रही। मंगलवार रात हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह मलबा आने से हाईवे सुबह 5:30 बजे से बंद हो गया था। करीब 4 घंटे बाद सुबह 9:30 बजे वनवे ट्रैफिक बहाल हो सका। दिनभर लोग ट्रैफिक जाम से जूझते रहे।
दोनों लेन 24 घंटे के बाद बहाल
धर्मपुर (सोलन)। चक्कीमोड़ में लगभग 24 घंटे बाद वीरवार सुबह दोनों लेनों पर यातायात सुचारू रूप से शुरू हो सका। इससे राहगीरों ने राहत की सांस ली। एसआरएम कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से यह संभव हो पाया। वीरवार सुबह जो बसें सामान्य 7 बजे शिमला पहुंचती थीं, वे 7 बजे ही धर्मपुर से शिमला की ओर रवाना हो सकीं। इससे ऑफिस जाने वाले लोगों को सुबह कुछ राहत मिली।
दिन-रात काम कर एनएच सुचारू
एनएचएआई की ओर से हाईवे को शीघ्र बहाल करने के आदेश मिले थे। इसके बाद कंपनी ने दिन-रात काम करके हाईवे को दोबारा सुचारू किया। अभी भी मशीनरी को मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस विभाग का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
-मनोज कुमार, डिप्टी मैनेजर, एसआरएम कंपनी