1643 हेक्टेयर पर मटर 22 हजार हेक्टेयर पर होती गेहूं की खेती
सूखे के चलते खरीदे गए बीजों की नहीं हो पा रही बिजाई
अगेती फसल का भी समय हो रहा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले भर में पिछले दो माह से चल रहे सूखे के कारण किसान-बागवान परेशान हैं। बारिश न होने के कारण 75 प्रतिशत मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बिजाई का कार्य रुक गया है। लंबे सूखे से बाजारों और कृषि विभाग से खरीद किए गए बीज की बिजाई भी किसान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं खेतों में नमी न होने के कारण लहसुन जमीन से बाहर नहीं निकल पा रहा है। किसान बागवान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि पिछले दो दिनों से मौसम खराब चल रहा है, जिससे बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन इसके बाद भी मटर और गेहूं के लिए एक से दो सप्ताह देरी हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार जिले के 1643 हेक्टेयर पर मटर 22 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई की जाती है। गेहूं की अगेती व पिछेती विभिन्न किस्मों का बीज किसानों ने कृषि खंडों से खरीद भी लिया है। गेहूं की फसल सोलन जिले की मुख्य रबी फसल है। करीब 25 हजार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की खेती की जाती है, जिसमें से 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की ही फसल बोई जाती है। इसके अलावा जिला के किसान जौ, जई, सरसों, तारामीरा, चना, सब्जियों में मटर, गोभी, प्याज, लहसुन की फसलें भी उगाते हैं।
जिला के मैदानी क्षेत्रों बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ व आसपास के मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल बहुतायत में होती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में किसान अपने उपयोग के लिए ही फसलें उगाते हैं। इसमें सभी किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश न होने के कारण गेहूं, बरसीम, मटर, आलू, प्याज, चना सहित अन्य फसलों की बिजाई कार्य रुक गया है। बारिश के बाद किसान बुआई और बिजाई कार्य कर सकेंगे। जिले में 75 फीसदी किसान बारिश पर निर्भर हैं। और 25 फीसदी किसानों के ही खेतों में पानी की सुविधा है।
डॉ. देव राज कश्यप, उप निदेशक, कृषि विभाग सोलन