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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कैल्शियम की दवा खत्म, मरीज बेहाल

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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में दवा काउंटर पर कतारों में खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
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निजी मेडिकल स्टारों पर 10 गोलियों के लिए 150 से 200 रुपये करन पड़ रहे खर्च
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गर्भवती महिलाओं और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को लिखी जा रही दवा
संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कैल्शियम की दवा खत्म हो गई है, जिससे गर्भवती महिलाओं और हड्डी रोग के मरीजों को दवा के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंगलवार को अस्पताल के ऑर्थो और महिला ओपीडी में लंबी कतारें लगी रही। कई मरीज उपचार के बाद कांउटर पर दवा लेने पहुंचे, लेकिन वहां से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। पिछले कई दिन से मरीजों को आपातकालीन स्टॉक से ही दवा दी जा रही थी, जो अब भी समाप्त हो गया है। सोमवार को भी ऑर्थो ओपीडी में 120 और महिला ओपीडी में 50 महिलाओं ने जांच करवाई थी। डॉक्टर मरीजों को पर्ची पर कैल्शियम की दवा लिख रहे हैं, लेकिन जब मरीज घंटों लाइन में लगने के बाद दवा काउंटर पर पहुंच रहे हैं, तो उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है। मजबूरन मरीजों को बाहर की निजी दुकानों से 10 गोलियों का पत्ता 150 से 200 रुपये में खरीदना पड़ रहा है।
आपातकालीन स्टॉक भी हुआ खत्म
अस्पताल में नियमित सप्लाई काफी पहले बंद हो चुकी थी। पिछले कई दिनों से अस्पताल प्रशासन आपातकालीन (इमरजेंसी) स्टॉक के सहारे जैसे-तैसे काम चला रहा था,लेकिन अब यह आपातकालीन कोटा भी पूरी तरह से खाली हो चुका है। दवा न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले उन गरीब मरीजों को हो रही है, जिनके पास निजी दुकानों से महंगी दवाएं खरीदने के पैसे नहीं हैं।
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एडमिट गर्भवती महिलाओं के लिए बचाया स्टॉक
अस्पताल में दवाओं के इस भीषण टोटे के बीच प्रशासन ने बेहद सीमित स्टॉक बचा कर रखा है। यह स्टॉक केवल अस्पताल के वार्डों में एडमिट (भर्ती) गंभीर गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। ओपीडी में आने वाली किसी भी अन्य गर्भवती महिला या सामान्य मरीज को कैल्शियम की एक भी गोली अस्पताल से नसीब नहीं हो रही है।
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कोट
दवा का स्टॉक काफी समय पहले ही समाप्त हो गया था। हमने उसी वक्त स्वास्थ्य विभाग को नई डिमांड भेज दी थी। अब तक आपातकालीन स्टॉक से मरीजों की जरूरतें पूरी की जा रही थीं, जो कि अब खत्म हो गया है। उम्मीद है कि जल्द ही विभाग से दवा की नई खेप मिल जाएगी, जिसके बाद ओपीडी के मरीजों को दवा मिलनी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. राकेश पंवार,चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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