सुुबह 10.30 बजे रिक्टर पैमाने पर 8 तीव्रता के भूकंप के समय पूरी तैयारी के साथ जान बताने का अभ्यास किया गया। इस दौरान शहर के सबसे व्यस्त और कारोबार के हब माने जाने वाले मुख्य बाजारों में ही राहत बचाव कार्य के वाहन नहीं पहुंच सके। खासकर अप्पर बाजार, गंज बाजार और चौक बाजार में अतिक्रमण के कारण दमकल वाहनों के पहिये थम गए। अगर आगजनी या कोई अन्य विपदा आती है तो बचाव कार्य में खासी मुश्किल हो सकती है और जानमाल का भारी नुकसान होने का अंदेशा भी है।
मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन का इस तरफ ध्यान गया। लिहाजा जिला प्रशासन अब शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश नगर परिषद को देने जा रहा है। साथ-साथ अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई करेगा। वीरवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपसी समन्वय के साथ आयोजित की गई।
वहीं इस दौरान जाम में भी कई बार राहत बचाव कार्य के वाहन रुके। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, गंज बाजार और आसपास का क्षेत्र तथा तहसील कार्यालय सोलन में अभ्यास के तहत राहत एवं बचाव कार्य किया गया। जहां दिक्कतें आई। इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी सहित सभी प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस अधीक्षक अंजुम आरा एवं अन्य पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहे।
इस तरह चला अभ्यास
सायरन बजते ही आपदा अभ्यास के लिए सभी दल सोलन के ठोडो मैदान में एकत्र हुए तथा अभ्यास के मुखिया सोलन के डीसी राकेश कंवर से दिशानिर्देश प्राप्त किए। सोलन शहर के पांच स्थान चिन्हित किए गए, जहां पूरी योजना एवं तैयारी के साथ राहत एवं बचाव कार्य किया। अभ्यास का मकसद जहां एक ओर जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लेना था वहीं कमियों का आकलन कर भविष्य में इन्हें दूर कर भविष्य में किसी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहना भी था।
आपदा के समय त्वरित सहायता जरूरी : मेजर
डोगरा रेजिमेंट के मेजर राहुल ठाकुर ने पर्यवेक्षक के रूप में इस अवसर पर कहा कि अभ्यास के दौरान सभी दलों ने अपने उत्तरदायित्व का भलीभांति निर्वहन किया। उन्होंने आपदा के समय जिले की भौगोलिक परिस्थिति एवं क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप योजना बनाने पर बल दिया। कहा कि आपदा के समय न्यून समय में आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचना आवश्यक है। ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक शीघ्र पहुंचाना जरूरी है।
वीडियो कान्फेंसिंग भी हुई
अभ्यास के बाद प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राधिकरण को आपदा प्रबंधन के लिए हर सं भव सहायता प्रदान करेगी।
कमियों को दूर करने के प्रयास होंगे : डीसी
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि अप्पर बाजार, गंज बाजार और चौक बाजार में अतिक्रमण के चलते आपदा राहत के वाहन नहीं जा सके। कई स्थानों पर जाम की समस्या भी रही। अस्पताल मार्ग में भी परेशानी हुई। अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर परिषद को निर्देश दिए जाएंगे। इस दौरान कम्यूनिकेशन इंस्ट्रूमेंट की कमी काफी पाई गई। पार्टेबल उपकरण जैसे स्ट्रैचर, रसिस्यां और अन्य अधिक उपकरणों की जरूरत महसूस हुई। इन कमियों को दूर करने के प्रयास होंगे।