बीबीएन में बेतरतीब ढंग से बनीं 15000 झुग्गियों में बसर कर रहीं अनगिनत जिंदगियां बारूद के ढेर पर बैठी हैं। बढ़ती गर्मी और जरा सी लापरवाही से फैलने वाली आग कई जानें लील सकती हैं। लेकिन औद्योगिक स्लम बीबीएन में जाने क्यों प्रशासन हादसों से सबक नहीं ले रहा।
औद्योगिक स्लम को साल दर साल अवैध उगाही के लिए फैलाया जा रहा है। निजी या सरकारी भूमि पर झुग्गियां बसाकर कुछ लोग मोरी रकम ऐंठते हैं। बीबीएन का 90 फीसदी स्लम निजी भूमि पर है जिस पर प्रशासन की नाक के नीचे ही अवैध रूप से बिजली, पानी और बिना लाइसेंस के दुकानदारी चल रही है। इस सस्ती सुविधा के कारण ही औद्योगिक क्षेत्र झुग्गियों का गढ़ बनता जा रहा है। स्लम में सुविधा तो दूर की बात, सुरक्षा प्रबंधों की भी कोई व्यवस्था नहीं है। आग की कई बड़ी घटनाओं में प्रवासी अपनी जान तक गंवा चुके हैं। इसके बावजूद सुधार के नाम पर प्रशासन नोटिस तक जारी करने तक सीमित है।
चार वर्षों पर डालिए नजर
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में चार वर्षों की आगजनी के मामलों पर नजर दौड़ाई जाए तो सबसे अधिक मामले झुग्गियों में ही सामने आते हैं। 2012 से अब तक 50 बार झुग्गियों में आग लग चुकी है। इसमें बॉबी (6) पुत्र प्रताप निवासी यूपी को साल 2016 के अप्रैल माह में नालागढ़ के किशनपुरा स्थित डेब्ली स्लम एरिया में आग के कारण अपनी जान तक गवानी पड़ी थी। अब तक के 50 आग के मामलों में 864 झुग्गियां आग की भेंट चढ़ी हैं। दमकल विभाग के आंकड़ों के तहत 1.11 करोड़ की संपत्ति जलकर राख हुई तथा एक बच्चे की मौत। बीबीएन के चक्का रोड, सन सिटी बाईपास, काठा, सिक्का होटल, झाड़माजरी, बरोटीवाला, मानपुरा, भुडड और नालागढ़ जैसे स्थानों पर सबसे अधिक झुग्गियां बसी हैं।
झुग्गियों में आग की दुर्घटनाओं का ग्राफ
वर्ष मामले झुग्गियां नुकसान
2012 18 140 13.93 लाख
2013 7 39 2.81 लाख
2014 12 549 82.92 लाख
2015 11 105 10.43 लाख
2016 2 30 3.50 लाख
स्टोरी टू
90 फीसदी झुग्गियां निजी भूमि पर
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन और क्षेत्र की करीब 41 पंचायतों में अवैध रूप से 15000 हजार से अधिक झुग्गियों में एक लाख प्रवासी लोगों को बसाया है। इनमें से 90 फीसदी झुग्गियां निजी भूमि पर बसाई हैं। बीबीएनडीए द्वारा इन एरिया में इस प्रकार के 35 निजी भूमि मालिकों को आइडेंटिफाई किया है।
यह कहा रहा प्रशासन और बीबीएनडीए
बीबीएन में झुग्गियों को व्यवस्थित और कानूनी रूप से बसाने की दिशा में बीबीएनडीए इन दिनों लो कॉस्ट हाउसिंग प्लान लेकर आया है। सीईओ ललित जैन के अनुसार बेहद कम लागत पर बनने वाले इन मकानों में बिजली, पानी, शौचालय और पक्के रास्तों की व्यवस्था को बीबीएनडीए निजी भूमि मालिकों को एनओसी प्रदान करेगा। साथ ही स्लम बसाने वाले लोगों को इसके लिए बैंक लोन उपलब्ध करवाने में मदद दी जाएगी। एसडीएम नालागढ़ हरिकेश मीना ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बीबीएनडीए और पंचायतों में प्रतिनिधियों को झुग्गियों का सही आंकड़ा जुटाने के निर्देश जारी किए हैं।
स्लम एरिया फैलने के कारण
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में बाहरी राज्यों से नौकरी करने आने वाले प्रवासियों की तादाद करीब 1.20 लाख है। इतनी बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के लिए वेतन के अनुरूप सस्ते मकान उपलब्ध नहीं हैं। औद्योगिक क्षेत्र में वन रूम सेट की कीमत चार हजार से शुरू होती है। इसे उद्योगों का मजदूर वर्ग वहन नहीं कर पाता। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र के आसपास निजी भूमि मालिक बिना किसी खर्च के इन्हें झुग्गियां बनाने के साथ कई सरकारी सुविधाएं बेहद सस्ती दरों पर उपलब्ध करवा रहे हैं।
आग से बचाव को हो
सकता है यह प्रावधान
गर्मियों के सीजन में आग की लपटों से झुग्गियों के बचाव को दमकल विभाग प्रवासियों को शार्ट टर्म प्रशिक्षण प्रदान कर सकता है। प्रशासन अगर चाहे तो निजी भूमि मालिकों को सुरक्षा प्रबंधों के लिए बाध्य कर फायर सेफ्टी उपकरणों को झुग्गियों के पास अनिवार्य बना सकता है।