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Solan News: पथ परिवहन निगम की बसों में भीड़, बहनोंं ने किया मुफ्त सफर

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सूर्योदय से सूर्यास्त तक निगम की बसों में नहीं लगा किराया
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भाई दूज को लेकर पथ परिवहन निगम ने महिलाओं को दिया तोहफा

निजी बसों में भी दिखी भीड़, ग्रामीण रूट पर ओवरलोड रहीं बसें

संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। भाई दूज पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में खूब भीड़ देखने को मिली। बहनों ने भी सरकार की ओर से दी गई मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठाया। बहनों को सरकार की ओर से सूर्योदय से सूर्यास्त तक बसों में नि:शुल्क सफर का तोहफा दिया गया।
किराया न लगने से अधिकतर बसों में महिलाएं ही दिखाई दीं। वहीं, हर स्टॉपेज पर अधिकारियों के निरीक्षण के चलते चालक और परिचालक भी ब्रेक लगाकर सवारियों को बिठाते रहे। अधिकतर भीड़ ग्रामीण रूटों में रही। सरकारी बसों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में निजी बसों में भी यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ रही।
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गौरतलब है कि पथ परिवहन निगम की बसों में ग्रामीण रूट पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए पहले से योजना बनाई गई थी। योजना के अनुसार ही निगम की ओर से विशेष बसों को भी रूट पर भेजा गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, हालांकि कई बसें ओवरलोड होकर गंतव्य तक पहुंचीं। दूसरी ओर कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर भी एचआरटीसी की बसों में भारी भीड़ देखने को मिली। बसों में भीड़ के कारण कई महिलाओं ने निजी बसों में सफर किया। हर वर्ष की तरह इस बार भी निगम की ओर से भाई दूज पर महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी गई। इसके चलते लोकल रूटों पर बसों में खासा दबाव रहा। वीरवार को सुबह से ही भाई दूज का शुभ मुहूर्त होने के कारण भीड़ अधिक रही।
ग्रामीण रूटों पर महिलाएं हुईं परेशान
धर्मपुर। भाई दूज पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा कई जगह महज दिखावा बनकर रह गई। कई ग्रामीण क्षेत्रों में निजी बसों के रूट नहीं चलाए गए। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा7 ये वे इलाके हैं जहां पथ परिवहन निगम की बसों के रूट ही नहीं हैं। इसके अलावा कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर शिमला से दिल्ली समेत अन्य लंबी दूरी के रूटों पर भी महिलाओं को सुविधा से वंचित रहना पड़ा। इन रूटों की बसें शिमला और सोलन से ही गंतव्य के लिए फुल होकर निकलीं। इससे हाईवे पर पड़ने वाले स्टेशनों से यात्रियों को बसों में नहीं बिठाया गया।
धर्मपुर, जाबली और परवाणू बस स्टॉप पर नीलम, चंपा, डोलमा, कमला, देवश्री, सुनीता और जमुना ने बताया कि गांवों के लिए सरकारी बसें नहीं चलतीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल तोहफा तो देती है, लेकिन इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक नहीं पहुंचता। निगम के अधिकारियों को ऐसे रूटों पर भी ध्यान देना चाहिए जहां पथ परिवहन की बसें नहीं चलतीं।
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त्योहारों को लेकर पहले ही बनाई थी रणनीति
त्योहारों को लेकर पहले ही रणनीति तैयार की गई थी। इसके मुताबिक काम किया गया। सभी चालकों और परिचालकों को हर स्टॉप पर रुकने के निर्देश दिए गए थे। ग्रामीण रूटों पर भी अधिक बसें भेजी गईं।
-सुरेंद्र राजपूत, क्षेत्रीय प्रबंधक, पथ परिवहन निगम सोलन
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