शहर से महज तीन किमी दूर और प्रसिद्ध करोल पर्वत के नीचे बसे जराश गांव तक सड़क नहीं पहुंच सकी है। राजनैतिक और सरकारी मंच पर कई बार सर्वे के साथ ग्रामीणों को सड़क सुविधा के आश्वासन तो मिले लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। हर तरफ बरसों की कवायद पर मायूसी हाथ लगने के बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर महिलाओं ने गांव तक सड़क पहुंचाने का जिम्मा उठाया है।
सोमवार को डीसी सोलन को ज्ञापन सौंपते हुए अर्थिक मदद की गुहार लगाई है। साथ ही महिलाओं का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए महिलाएं श्रम दान करेंगी। चंबाघाट स्थित जराश गांव के प्रगति महिला मंडल की सदस्यों ने डीसी राकेश कंवर से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें चंबाघाट से जराश तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए आर्थिक मदद की अपील की गई।
उपायुक्त को ज्ञापन साैंपते वक्त चंद्रकला कौशल, सीमा ठाकुर, जयवंती, सत्या देवी, उषा, आशा, अनिता, रीतु, उर्मिला, निर्मला, अयोध्या, सुनीता शर्मा, कमला, शारदा, शांता, बीना और अंजु देवी सहित मंडल की अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।
इन दिक्कतों से
जूझ रहे ग्रामीण
प्रगति महिला मंडल की अध्यक्ष अनीता ठाकुर ने कहा कि कृषि बाहुल्य इस गांव से सड़क तक पैदावार किलटे पर पहुंचती है। यदि कोई बीमार हो जाए तो सड़क तक पहुंचाना आफत है। बिस्तर या पालकी में बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को सड़क तक पहुंचाने में जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में होती है। कोई अच्छा स्कूल न होने से बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए तीन किमी दूर सोलन पैदल पहुंचाना पड़ता है। बारिश के मौसम में फिसलन और गर्मी में सूरज की तपिश नन्हें मुन्नों बच्चों समेत अभिभावकों को सताती है। ऐसे में आधुनिक शहर से महज तीन किमी दूर तक कोई भी सरकार सड़क पहुंचाने में नाकाम रही है।
पंचायत अपने स्तर
पर करवा रही सर्वे
पंचायत प्रधान देवेंद्र कश्यप ने कहा कि पंचायत सर्वे अपने स्तर पर भी करवा रही है। सांसद निधि से इस सड़क के लिए पैसा मांगा जा रहा है। इसे स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा पंचायत के पास विभिन्न मदों में भी बजट पड़ा है। इसके भी सड़क निर्माण में लगाया जा सकता है। कहा कि ग्रामीणों की मदद से जराश गांव तक सड़क पहुंचाने का जिम्मा पंचायत ने उठाया है। पंचायत चुनावों के बाद कई अहम कार्यों के बीच जराश तक सड़क पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। जल्द ही इस सड़क का कार्य शुरू होगा।
हर मदद की जाएगी: उपायुक्त
डीसी राकेश कंवर ने महिलाओं का मांगपत्र मिलने की पुष्टि की है। कहा कि इस संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी। सड़क क्यों नहीं पहुंची है, इसके लिए संबंधित अधिकारियों से पूछा जाएगा। साथ ही नियमों के तहत यहां तक सड़क पहुंचाने के लिए नियमानुसार हर मदद की जाएगी।