नालागढ़ की फ्रेंड्स काॅलोनी में मुख्य राइजिंग लाइन में हो गई थी लिकेज
सड़कों पर बह रहा था पानी, खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में नई पेयजल योजना की मुख्य राइजिंग लाइन की लीकेज होने की मरम्मत कर दी है। चुहूवाल में ही पहले दो-तीन बार कई जगह से लीकेज हो रही थी तो विभाग ने ठीक कर दिया था। बाद में दो जगह दोबारा लीकेज शुरू हो गई है जिससे न केवल पानी सड़क पर बह रहा है बल्कि सड़क भी खराब हो रही है। विभाग ने ठेकेदार के कर्मचारियों को लगा कर इस लीकेज को ठीक कर दिया है। अमर उजाला में इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद विभाग हरकत में आया।
नालागढ़ में करीब 22 करोड़ से नई पेयजल योजना तैयार की जा रही है। योजना के तहत नंगल में दो ट्यूबवेल, एक पंप हाउस और नई राइजिंग लाइन का निर्माण किया जा रहा है। पुरानी राइजिंग लाइन जर्जर होने के कारण विभाग ने नई लाइन बिछाई है लेकिन यह भी कई बार लीक हो चुकी है। पहली बार चुहूवाल में रिसाव होने पर पेवर ब्लॉक उखाड़कर मरम्मत की गई थी। कुछ दिन बाद कुछ दूरी पर फिर पानी निकलने लगा था जिसे विभाग द्वारा ठीक कर दिया था।
पहले पुरानी राइजिंग लाइन दतोवाल में जगह-जगह लीक होने के कारण नालागढ़ शहर में पेयजल संकट पैदा हो जाता था। इसे देखते हुए विभाग ने पुराने टैंक को नई राइजिंग लाइन से जोड़ दिया है। नई लाइन में भी बार-बार रिसाव होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। वार्ड नंबर 7 निवासी वरिष्ठ नागरिक पंकज वशिष्ठ ने कहा कि पुरानी लाइन को बदलकर नई लाइन बिछाई गई थी लेकिन उसमें भी लगातार रिसाव हो रहा था। जिसे अब ठीक किया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिक पंकज वशिष्ठ, नरेश घई, यादव किशोर गौतम ने बताया कि पुरानी लाइन को बदलकर नई लाइन बिछाई गई थी लेकिन उसमें भी लगातार रिसाव हो रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
कोट
नई राइजिंग लाइन की अभी टेस्टिंग चल रही है। जहां पर लीकेज हो रही वहां पर उसे रिपेयर किया जा रहा है। जब तक लाइन पूरी तरह तरह से ठीक नहीं होती है तब तक इसे रिपेयर किया जाएगा। उन्होंने बताया अभी योजना का लाइन बिछाने का कार्य किया गया है। स्टोर टैंक व अन्य पंप हाउस का कार्य भी अभी होना बाकी है। - नीरज गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग
नालागढ़ की फ्रेंड्स कालोनी में हुई लिकेज को ठीक करते हुए जलशक्ति विभाग के कर्मचारी- संवाद