छाया रहता है अंधेरा, घनी आबादी वाले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अधिकारी बोले परियोजना की स्वीकृति के समय नहीं था इसका प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली(सोलन)। परवाणू-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर फोरलेन का करीब 200 मीटर हिस्सा रात के अंधेरे में डूबा है। कुमारहट्टी फ्लाईओवर के सोलन छोर से होटल नीलम तक स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गई हैं। इससे घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
फोरलेन के इस हिस्से में तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। रात के समय वाहन अलग-अलग दिशाओं में मुड़ते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय परिवारों के लिए खतरा अधिक है। बच्चों और महिलाओं का भी इस मार्ग पर लगातार आवागमन होता है। स्थानीय लोगों ने इस 200 मीटर के हिस्से को घनी आबादी वाला क्षेत्र बताया है। यहां रिहायशी मकान और दुकानें भी हैं, जिससे रात में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था न होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित एजेंसी से सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वास्तविक जरूरत का आकलन कर तुरंत स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी चाहिए। स्थानीय निवासियों ने जोर दिया कि सड़क सुरक्षा किसी हादसे के बाद नहीं, बल्कि पहले दुरुस्त होनी चाहिए। उन्होंने पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
कोट
परियोजना स्वीकृति के समय स्ट्रीट लाइटों का कोई प्रावधान नहीं किया गया था। दहिया ने स्वीकार किया कि समय के साथ आवश्यकताएं बदलती हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत महसूस होने पर स्ट्रीट लाइटें लगाने पर विचार किया जाएगा। - आनंद दहिया, परियोजना निदेशक, एनएचएआई