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बारिश से जमीन पर बिछने लगी टमाटर की फसल, लोनिवि को दो करोड़ का नुकसान

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सोलन में बारिश से तबाह हुई टमाटर की फसल - फोटो : SOLAN
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सोलन। जिला सोलन में मानसून कहर बनकर बरस रहा है। आलम यह है कि बारिश से पेयजल योजनाओं में सिल्ट आ रही है। जिला भर में बारिश से किसानों की फसलें सड़ने लगी हैं। टमाटर की फसलों को लगाई गई बाड़ अधिक बारिश होने के चलते गिरने लग गई है। जिससे टमाटर की फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों की मानें तो उन्हें टमाटर के सही दाम मिल रहे हैं। वहीं इस बार टमाटर की फसल भी बहुत कम है।
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जिला सोलन में अभी तक हुई मानसून की बारिश से लोनिवि को करीब 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक नुकसान मुख्य व संपर्क मार्गों को हुआ है। हालांकि लोनिवि की टीमें बंद हो रहे मार्गों को तुरंत मौके पर जाकर खुलवाने के लिए लगी हुई है। सबसे अधिक नुकसान साधुपुल, अर्की, नालगाढ़ व रामशहर में हुआ है। यदि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो नुकसान का आंकड़ा कही अधिक बढ़ सकता है। जानकारी के अनुसार मानसून की बारिश ने जिला भर में सड़कों व रास्तों की हालत बिगाड़ दी है। जिला सोलन के करीब दो दर्जन संपर्क व मुख्य मार्ग बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई जगह सड़क के किनारे लगे डंगे ढहने से नुकसान हुआ है।
लोकनिर्माण विभाग के एसई एसपी जगोटा ने बताया कि मानसून की बारिश से अभी तक विभाग को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को सौंप दी गई हैष विभाग को सबसे अधिक नुकसान चायल-साधुपल, विकास खंड अर्की, नालागढ़ सहित रामशहर में हुआ है।
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चंबाघाट-सोलन मार्ग पर गिर रहा मलबा
सोलन-चंबाघाट मार्ग पर पैदल रास्ता बनाने के लिए की गई खोदाई भी अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। आलम यह है कि भारी बारिश के कारण जगह-जगह पहाड़ी से मलबा व छोटे पेड़ सड़क तक पहुंच रहे हैं। जिसके कारण सड़क से गुजर रहे वाहनों सहित लोगों के लिए भी खतरा बना हुआ है। इसमें सबसे अधिक खतरा चंबाघाट व मोहन पार्क के बीच बना हुआ है, जहां की पहाड़ी थोड़ी उंची है, और वह बारिश के दौरान ढह रही है।
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