नालागढ़ में 15वें महान कीर्तन दरबार में उपस्थित संगत स्रोत:संवाद
श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर कार्यक्रम का आयोजन
रक्तदान शिविर में 22 लोगों ने किया रक्तदान
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में नालागढ़ में भाई घनईया सेवा सोसायटी ने कीर्तन दरबार का अनाज मंडी नालागढ़ में आयोजन किया।
इस समागम में भाई सतनाम सिंह कोहाड़का, भाई गुरविंदर सिंह, ज्ञानी सुखविंदर सिंह थली, भाई रणवीर सिंह, भाई करण सिंह, भाई हरी सिंह सहित पंथ प्रसिद्ध रागी जत्थों ने कीर्तन और विचारों से संगत को निहाल किया।
कथा वाचक ज्ञानी सरबजीत सिंह लुधियाना वाले ने गुरु तेग बहादुर की शहादत से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि औरंगजेब के अत्याचारों से दुखी कश्मीरी पंडित जब गुरु जी के पास आए तो उन्हाेंने कहा कि औरंगजेब को कह दो कि पहले गुरु तेग बहादुर जी का धर्म परिवर्तन करवा लो, उसके बाद बाकी लोग खुद मुसलमान बन जाएंगे। इसके बाद गुरु जी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ शहीद होना स्वीकार किया, लेकिन धर्म नहीं छोड़ा।
कीर्तन दरबार सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चला। इसके अतिरिक्त सोसायटी ने नालागढ़ ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें 22 लोगों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर भी निरंतर चलता रहा।