दाड़लाघाट से 104 मजदूर दिल्ली पहुंचे, सीमेंट श्रमिकों की मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ के आह्वान पर सीमेंट मजदूरों की मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें 15 प्रदेशों के करीब 1500 श्रमिकों ने भाग लिया। भारतीय मजदूर संघ सुल्ली-दाड़लाघाट से 104 श्रमिक प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान सीमेंट उद्योग में ठेका प्रथा समाप्त करने, वेतन समझौता लागू करने, लंबे समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित करने और सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष निर्धारित करने समेत विभिन्न मांगें उठाई गईं।
महासंघ के अखिल भारतीय प्रभारी राज विहारी शर्मा ने कहा कि सीमेंट उद्योग में अधिकांश काम ठेका श्रमिकों से कराया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की। महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुरेश ने कहा कि आगामी वेतन समझौते में ठेका श्रमिकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने ठेका प्रथा समाप्त करने और लंबे समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री डॉ. दीपेंद्र चाहर और प्राइवेट सेक्टर के प्रभारी रविंद्र हिमटे भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ सीमेंट उद्योग में ठेका श्रमिकों के कथित शोषण के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा। प्रदर्शन में मगलाल वाल्मीकि और शंकर सिंह रावत ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के बाद महासंघ के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सुरेश भाई, ओम प्रकाश शर्मा, मगलाल वाल्मीकि और शंकर सिंह रावत शामिल रहे।
ज्ञापन में सीमेंट उद्योग के श्रमिकों का वेतन समझौता जल्द लागू करने, ठेका श्रमिकों को वेतन समझौते में शामिल करने, स्थायी और कोर गतिविधियों में ठेका प्रथा बंद करने, लंबे समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित करने और सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष निर्धारित करने समेत अन्य मांगें रखी गईं।