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बोरवेल लगा किया जा रहा पानी का अवैध व्यापार : शिवकुमार

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घरेलू बोरवेल लगा पानी का व्यापार करने पर बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश
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दो पंचायतों के 56 गांव में बिजली की आपूर्ति देखने के लिए तैनात किया सिर्फ एक कर्मी
उपायुक्त सोलन कार्यालय में आयोजित की गई जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन शहर समेत पूरे विधानसभा क्षेत्र में घरेलू उपयोग के लिए बोरवेल से कई लोग पानी बेचने का कार्य कर रहे हैं। इन पर न तो जलशक्ति विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही प्रशासन की कोई देखरेख है। पानी बेचकर ही यह लोग हजारों रुपये कमा रहे हैं जबकि शहर में जलसंकट रहता है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में हुई जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार ने यह सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लोग घरेलू उपयोग के नाम पर बोरवेल की खोलाई कर पानी का एक टैंकर 2000 रुपये या इससे अधिक दामों पर बेच रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इन्हें बिजली के कनेक्शन भी घरेलू दरों पर दिए गए हैं। उन्होंने पूछा कि इन पर अब तक जलशक्ति विभाग ने क्या कार्रवाई की। कहा कि विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन यह इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। उन्होंने मांग की कि ऐसे कनेक्शन रखने वालों पर जल्द कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। जिस पर जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने जवाब दिया कि सोलन विस क्षेत्र में कुल 47 बोरवेल हैं, जबकि सोलन शहर में 32 बोरवेल पंजीकृत हुए हैं। कहा कि इन्हें नोटिस दिए गए हैं ताकि पानी न बेचें। उन्होंने कहा कि विभाग के पास इससे ज्यादा कार्रवाई की पॉवर नहीं है।
इन पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोरवेल में बिजली की खपत देखें, जिनकी हर माह खपत अधिक हो रही है उनके कनेक्शन काटने से भी परहेज न करें। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कसौली व सोलन के किसी भी होटल में पानी की कमी नहीं रहती क्योंकि इसी तरह के अवैध व्यापार से होटलों में काम चल रहा है। इस दौरान जिला शिकायत निवारण समिति सोलन के सदस्याें की ओर से उठाए गए करीब 142 शिकायतों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। बैठक उपायुक्त के अलावा, एसपी टी एसडी वर्मा, एडीसी, एसडीएम समेत सभी विभागों के अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।
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दो पंचायतों के 18 ट्रांसफार्मर के लिए एक कर्मचारी
जिला शिकायत निवारण समिति के सदस्य ओम प्रकाश शर्मा ने सवाल उठाया कि कनैर व जघाना पंचायत में हवा चलते ही बिजली को कटा दिया जाता है। उन्होंने अधिकारियों से सवाल पूछा कि हवा चलने से ऐसी कौन की परेशानी होती है, जिस कारण बिजली को काट दिया जाता है। इस पर बिजली बोर्ड के अधिकारी ने जवाब दिया कि हवा के कारण पेड़ की टहनियां तारों से टकराकर खतरा पैदा करती हैं, जिस कारण बिजली को काटना पड़ता है। इस पर सदस्य ने सवाल उठाया कि इन दो पंचायतों में कुछ 18 ट्रांसफार्मर हैं, जिनकी देखरेख के लिए केवल एक कर्मचारी मौजूद है। बिजली जाने के बाद उसे लगभग 56 गांव में घूमकर फॉल्ट का पता लगाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की तैनाती के लिए काम किया जा रहा है।

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मंडेसर पंचायत में पानी की कमी
जिला शिकायत निवारण समिति में प्रेम चंद ने सवाल उठाया कि मंडेसर पंचायत में पीने के पानी की कमी है। इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि यहां अभी निजी भूमि होने के कारण पाइप लाइनों को बिछाने का काम रुका हुआ है। इस पर विवाद चला है। कहा कि विभाग की ओर से एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। इस पर प्रेम चंद ने अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां 5 से 6 दिन बाद लोगों के घरों में पानी पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारी को इस ओर ध्यान देने के लिए कहा।
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नहीं मिल रही 24 घंटे डाॅक्टरों की सुविधा
जिला शिकायत निवारण समिति सोलन के सदस्य नारायण दत्त शास्त्री ने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी रामशहर को पुराने भवन में लोगों की सुविधा के लिए मरम्मत में लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अस्पताल में मरीजों को 24 घंटे डाॅक्टरों की सुविधा ही नहीं मिल रही है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने बताया कि अस्पताल में अभी केवल तीन डॉक्टर मौजूद हैं। ऐसे में अभी मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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