झाड़माजरी में श्रम कार्यालय परिसर में कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते कामगार। संवाद
निकाले गए कामगार वापस नौकरी देने की कर रहे थे मांग
मांग पूरी न होने पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के संडोली स्थित निजी कंपनी से निकाले गए कामगारों ने श्रम कार्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। सोमवार को कामगारों ने प्रदर्शन के माध्यम से नौकरी बहाली की मांग की। कामगार सुबह 11:00 बजे एकत्रित हुए। इस दौरान कामगारों ने श्रम विभाग व कंपनी प्रबंधकों के खिलाफ नारेबाजी की। कामगारों ने चेतावनी दी है कि अगर श्रम विभाग व कंपनी संचालकों ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वह आने वाले लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। शाम 5:00 बजे श्रम अधिकारी सुरेंद्र बिष्ट के आश्वासन के बाद कामगारों ने धरना स्थगित किया।
कंपनी के कामगार नेता रविंद्र कुमार, अनिल कुमार, विकास कुमार, देवेंद्र कुमार, नीरज व कुलदीप सिंह के नेतृत्व में 200 से अधिक कामगार झाड़माजरी स्थित श्रम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। कामगार नेता रविंद्र कुमार ने कहा कि कंपनी ने प्लांट को दिसंबर-2022 को बेच दिया था। इसके चलते मजदूरों को दोनों कंपनियों में हुई आपसी डील में मजदूरों की नौकरी की सेवा शर्तों से जुड़ी तमाम बातों को निष्पक्ष तरीके से रखने को कहा गया। प्रबंधकों ने मजदूरों के प्रति दुर्भावना की भावना रखते हुए और मजदूर यूनियन को तोड़ने की नीयत से मजदूरों को काम से हटाकर साइड में बैठा दिया। वहीं मासिक वेतन भी रोक दिया है। मजदूरों की सेवा शर्तों को लेकर कोई भी बात सही मामले से साफ हुए बिना ही दूसरी कंपनी के प्रबंधकों ने कंपनी में आकर अपना हस्तक्षेप कर दिया। इसके चलते प्रबंधकों ने नियमित मजदूरों को नौकरी से निकालने की नीयत जूठे आरोप पत्र देकर निलंबित कर दिया और दुर्भावनापूर्ण तरीके से हजारों किलोमीटर दूर दूसरी जगह ट्रांसफर करके यहां गैर कानूनी तरीके से ठेकेदार के मजदूरों को रख दिया। पुराने 260 मजदूरों को निकाल दिया। जून से यह मजदूर सडक़ों पर हैं। 67 मजदूरों को राज्य से बाहर स्थानातंरित कर दिया।
मजदूर अपनी नौकरी बहाली के लिए 180 दिनों से मांग कर रहे है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिससे उन्होंने सोमवार को धरना दिया। अगर उनकी मांग को नहीं माना तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और आने वाले लोक सभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। उधर, श्रम अधिकारी सुरेंद्र बिष्ट ने कहा कि कामगारों की मांग को लेकर कंपनी प्रबंधकों के साथ समझौता वार्ता की जाएगी। कामगार को उनका हक दिलाया जाएगा।