सोलन। जिला सोलन को वित्त वर्ष 2023-24 में इलेक्ट्रिक हब के रूप विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए प्रदेश के बजट 2023-24 में विशेष प्रावधान किया गया है। इससे जिले में नया आयाम स्थापित होगा। साथ ही जिले को नई पहचान भी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बजट में प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिए कई प्रकार के कदम उठाए हैं। प्रदेश में जहां पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की सेवाएं लोगों को दी जाएंगी। वहीं युवा इलेक्ट्रिक ट्रेड में अपना भविष्य बना सकें, इसके लिए नए ट्रेड भी शुरू होंगे। जिले में हाईवे पर इलेक्ट्रिक कॉरिडोर की स्थापना होगी। वहीं, सोलन और नालागढ़ आईटीआई में ड्रोन सर्विस तकनीशियन कोर्स शुरू करने का फैसला भी लिया है। प्रदेश में शुक्रवार को सुक्खू सरकार का पहला बजट पेश हुआ है। बजट में इलेक्ट्रिॉनिक पर अधिक जोर दिया गया। इसके लिए तेजी से विकसित हो रहे जिला सोलन पर विशेष ध्यान सरकार ने केंद्रित किया है। ग्रीन राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने राज्य को मॉडल स्टेट ऑफ इलेक्ट्रिकल व्हीकल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कड़ी में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से निजी और सरकारी क्षेत्र के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार की ओर से पहले चरण में नेशनल हाईवे पर परवाणू, सोलन और नालागढ़ में ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसी के साथ निजी बस ऑपरेटरों और ट्रक ऑपरेटरों को ई-बसों और ई-ट्रक को खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उपदान भी देने का प्रावधान किया जाएगा। प्राइवेट ऑपरेटर को चार्जिंग स्टेशन के लिए 50 फीसदी दर का उपदान दिया जाएगा। इसके लिए राज्य विद्युत बोर्ड के सहयोग से एक परियोजना तैयार की जाएगी।
गौर रहे कि पर्यावरण बचाव के लिए प्रदेश में इन दिनों इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने पर जोर दिया जा रहा है। कई सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक गाड़ियां आ चुकी हैं। लोग भी अब इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीद रहे हैं। ऐसे में लोगों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए प्रदेश में चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क बिछाया जा रहा है। जिला सोलन में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए सात जगहों में स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए परिवहन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर दत्यार, शमलेच और वाकनाघाट में जगहों को चयनित किया गया है। खास बात यह है कि पहले चरण में चार्जिंग स्टेशन के लिए चयनित तीन जगहों को अंतिम रूप भी दे दिया है और भूमि भी क्षेत्रीय परिवहन विभाग के नाम स्थानांतरित हो गई है।