सोलन। सब्जियों और फलों का हब माने जाने वाले सोलन में कोल्ड स्टोर की सुविधा नहीं है। इसकी पिछले काफी समय किसान-बागवान मांग भी उठा रहे थे। वहीं अब प्रदेश सरकार की ओर पेश किए बजट में सोलन के जाबली में कोल्ड स्टोर की सुविधा देने की घोषणा की है। वहीं अब देखना यह है कि कब तक यहां के किसान-बागवानों को इसकी सुविधा मिलती है। जिला सोलन के 70 प्रतिशत लोग खेतीबाड़ी करते हैं। यहां पर अब टमाटर के साथ सेब का उत्पादन भी किसानों ने शुरू कर दिया है। यहां का टमाटर, शिमला मिर्च, सेब देश की बड़ी मंडियों के साथ विदेश के लिए भी सप्लाई किया जाता है।वर्तमान में कोल्ड स्टोर नहीं होने से किसानों और बागवानों को फसल मंडियों में तुरंत बेचनी पड़ती है। जिले में हर वर्ष किसान-बागवानों की करीब 30 फीसदी फसल मंडियों में बेचने से पहले ही खराब हो जाती है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। कई बार बाजार में उनके उत्पादों के उचित दाम भी नहीं मिलते, इस बीच किसान यदि अपनी फसल को कुछ समय के लिए रोकना भी चाहें तो नहीं रोक सकते है। मजबूरन उन्हें अपने उत्पादन मंदी के बीच सस्ते दामों बेचने पड़ते हैं। किसान-बागवान कई बार जिले में एक कोल्ड स्टोर खोलन की मांग उठा चुके हैं। वहीं अब बजट में इसके लिए घोषणा की गई है। इससे किसान-बागवानों में खुशी है।