पुलिस की पाठशाला
पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बद्दी में हुआ पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम
विद्यार्थियों को सायबर, डिजिटल अरेस्ट समेत यातायाता नियमें की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। पीएम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बद्दी में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसपी बद्दी विनोद धीमान ने की, जबकि थाना प्रभारी बद्दी डॉ. शिवराम कृष्ण विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलीइंग, यातायात नियमों और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
थाना प्रभारी ने कहा कि मोबाइल का उपयोग यदि पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाए, तभी यह लाभदायक सिद्ध होता है। मोबाइल के फायदे के साथ नुकसान भी हैं, इसलिए इसका उपयोग समझदारी और सावधानी से करें। सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग सतर्कता के साथ करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी विभिन्न लालच देकर जाल बिछाते हैं और पढ़े-लिखे लोग भी इसमें फंस जाते हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या मुफ्त उपहार के प्रलोभन में न आएं। कोई संदिग्ध लिंक मिलने पर उस पर क्लिक न करें। साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। उन्होंने बताया कि पुलिस जनता की मित्र है और हर परिस्थिति में मदद के लिए तत्पर रहती है। किसी वारदात, संदिग्ध व्यक्ति या घटना की तत्काल सूचना 112 नंबर पर दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में पीसीआर 5 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाती है। पीसीआर गाड़ियां 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं। उन्होंने कहा कि किसी महिला या किशोरी के साथ घटना होने पर तुरंत 1090 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इस मौके पर पंकज वर्मा, अंजू, सोम दत्त, रजत, कंचन, दिनेश, महेंद्र, दीपा उपस्थित रहे। स्कूल की प्रधानाचार्य परनीता ठाकुर ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम से विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी मिली है। उन्होंने इस पहल की सराहना की।
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बच्चों ने यह पूछे सवाल
विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारी से प्रश्न पूछे। कक्षा दसवीं के चंदन ठाकुर ने पूछा कि जो व्यक्ति नशे में फंस गया है, वह क्या करे? इस पर जवाब दिया कि ऐसे व्यक्ति को अपना आत्मबल बढ़ाना चाहिए। नशा छोड़ने के लिए परिवार और विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए। जमा दो की सुरभि ने पूछा कि गाड़ी चलाने की उम्र कितनी है और कब तक गाड़ी चला सकते हैं? इस पर बताया गया कि 18 वर्ष की आयु से व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकता है और जब तक वह मानसिक व चिकित्सकीय रूप से फिट है, तब तक गाड़ी चला सकता है। दसवीं की सपना ने पूछा कि यदि कोई स्कूल आते-जाते समय छेडख़ानी करे तो क्या करें? जवाब दिया कि ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दें। इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर भी मदद प्राप्त कर सकते हैं। पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। जमा दो के अजय ने पूछा कि नशेड़ी व्यक्ति को कैसे पहचाने? इस पर जवाब दिया कि उसकी शारीरिक स्थिति, व्यवहार और जिन लोगों की संगत में वह रहता है, उससे पहचान आसानी से की जा सकती है।